Iranian Rial Crash: ईरान में आर्थिक संकट से जूझ रहा है और सड़कों पर मंहगाई, राष्ट्रपव्यापी विरोध प्रदर्शन ने लीडर खामेनेई की मुश्किलें अधिक बढ़ा दी है साथ ही तख्तापलट के बादल भी मंडरा रहे है। इसी बीच विरोध प्रदर्शन को अमेरिका को पूरा समर्थन मिल रहा है और लगातार ईरान के लीडर खामेनेई को चेतावनी भी दी जा रही है जिससे ईरान आर्थिक रुप और कई संकटो से घिर गया है।
ईरान की मुद्रा रियाल में भी ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की जा रही है और 1 डॉलर लगभग 10 लाख रियाल तक पहुंच गया है जिसका सीधा असर मंहगाई पर पड़ा। ईऱान में खाने से लेकर सभी सामान की कीमतें आसमान छू रही है और सड़कों पर लोगों का गुस्सा देखने को मिल रहा है और यह सत्ता व्यवस्था को सीधा चुनौती दे रहा है। विस्तार से जानते है कि ईरान की मुद्रा क्यों क्रैश हो गई है और इसके सबसे निचले स्तर पर पहुंचने के क्या कारण रहे है।
Iranian Rial Crash

ईरान की अर्थव्यवस्था कुछ महीने पहले से ही टूट रही है औऱ जरूरी सामान भी बेहद मंहगा होता चला जा रहा है औऱ वहां के लोगों की बचत भी लगातार खत्म होती जा रही है। इजरायल द्वारा जून 2025 में शुरू किए गए युद्ध के बाद ईरान पर आर्थिक संकट मंडराने लगा था और अमेरिका द्वारा परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद ईरान की अर्थव्यवस्था के साथ ही मुद्रा पर भी असर पड़ने लगा।
अब बढ़ती मंहगाई और उच्च मुद्रास्फीति ने लोगों के सब्र का बांध तोड़ दिया है और ईरान के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गया है। इस प्रदर्शन पर भी अमेरिका का पूरा समर्थन है जिससे सत्ता तख्तापलट का खतरा भी मंडरा रहा है औऱ ईरान गंभीर मोड़ पर खड़ा हो गया है।
Iranian Currency Devaluation
इन सभी घटनाओं के कारण अब ईरान की करैंसी क्रैश हो गई है और रियाल मुद्रा बुरी तरह से प्रभावित हुई है। 6 जनवरी 2025 को रियाल मुद्रा लगभग 40,000 प्रति 1 डॉलर पर थी लेकिन 4 दिनों में ही यह लगभग 10 लाख रियाल प्रति डॉलर तक पहुंच गई है। मुद्रास्फीति के 50 प्रतिशत तक बढ़ने औऱ जरूरी सामान की हर साल 70 प्रतिशत के कारण मुद्रा भी निम्न स्तर पर पहुंच गई है लोगों की बचत गलने लगी है और जरूरी खाने तक का सामान भी मंहगा होने लगा है जिससे हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए है।
Iran Currency Collapse

ईरान की रियाल मुद्रा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले निम्न स्तर पर पहुंच गई है जिसके एक नहीं ब्लकि कई कारण रहे है। विस्तार से जानते है सभी कारकों के बारे में..
- बिगड़ती अर्थव्यवस्था में खराब प्रबंधन
- विदेशी देशों को ईरान के तेल की बिक्री सीमित करने के लिए अमेरिका ने उठाए कड़े कदम
- ईरान-इजरायल का युद्ध और खर्चें पूरे करने के लिए ईरान के बैंकों का सहारा लिया
- आय औऱ बचत में गिरावट, जरूरी सामान की कीमतें आसमान छू रही है
- 2018 में ट्रंप ने ईरान पर प्रतिबंध लगाया और तेल निर्यात पर अंकुश लगया
- अब वर्तमान में सड़कों पर हिंसक विरोध प्रदर्शन और तख्तापलट का संकट




















