Jeffrey Sachs On India: मिडील ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच अमेरिका के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री Jeffrey Sachs ने हाल ही में भारत की वैश्विक भूमिका को लेकर एक अहम टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात, खासकर ईरान से जुड़े तनाव के बीच, भारत शांति स्थापित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। एक इंटरव्यू में उन्होंने भारत की ताकत, कूटनीति और वैश्विक प्रभाव की सराहना की।
ब्रिटिश पत्रकार Afshin Rattansi के शो New Order with Afshin Rattansi में बातचीत के दौरान सैक्स ने कहा कि भारत आज एक मजबूत और सम्मानित देश के रूप में उभरा है। उन्होंने बताया कि भारत की जनसंख्या अमेरिका से कई गुना अधिक है और उसका सभ्यतागत इतिहास भी बहुत पुराना और समृद्ध है। ऐसे में भारत के पास वह क्षमता है कि वह अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश को भी सही दिशा में सोचने के लिए प्रेरित कर सके।
Jeffrey Sachs On India: शांति स्थापित करने में भारत की भूमिका

सैक्स का मानना है कि ईरान से जुड़े किसी भी संभावित संघर्ष को रोकने में भारत एक “शांतिदूत” की भूमिका निभा सकता है। भारत की विदेश नीति संतुलित और संवाद आधारित रही है, जो उसे इस तरह की जटिल परिस्थितियों में मध्यस्थ बनने के योग्य बनाती है। उन्होंने संकेत दिया कि भारत अपने कूटनीतिक प्रयासों के जरिए तनाव को कम करने में मदद कर सकता है।
BRICS के जरिए सामूहिक पहल की जरूरत
BRICS को लेकर सैक्स ने कहा कि भारत को अकेले कदम उठाने के बजाय अन्य सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने रूस, चीन, ब्राजील जैसे देशों के साथ सामूहिक रणनीति अपनाने की सलाह दी। उनके अनुसार, BRICS आज के समय में एक प्रभावशाली मंच बन चुका है, जो वैश्विक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकता है।
भारत के पास विशेष अवसर
सैक्स ने यह भी कहा कि इस समय BRICS की अध्यक्षता भारत के पास है, जो उसे एक विशेष जिम्मेदारी और अवसर प्रदान करती है। उनके अनुसार, यह सही समय है जब भारत वैश्विक मंच पर अपनी नेतृत्व क्षमता को और मजबूत कर सकता है और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
सैक्स ने अपनी बातचीत में यह भी कहा कि आज की दुनिया केवल अमेरिका के नियंत्रण में नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब कोई भी देश दूसरे देश को दबाने या धमकाने की स्थिति में नहीं है। दुनिया अब अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों पर आधारित एक संतुलित व्यवस्था की ओर बढ़ रही है।
सहयोग से ही संभव है समाधान
अंत में, सैक्स ने कहा कि अमेरिका जैसे देश से सीधे बातचीत करना आसान नहीं होता, इसलिए बेहतर होगा कि भारत अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर काम करे। उन्होंने भारत, चीन और रूस को केवल BRICS सदस्य ही नहीं, बल्कि एक-दूसरे के सहयोगी के रूप में देखने की बात कही। इस तरह, Jeffrey Sachs का मानना है कि भारत के पास न केवल क्षमता है, बल्कि एक बड़ा अवसर भी है कि वह वैश्विक शांति और स्थिरता में अहम योगदान दे सके।
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