Kasganj News: कासगंज जिले के अमांपुर थाना क्षेत्र में हुई एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। नगला भोजराज गांव के रहने वाले सत्यवीर और उनके परिवार की इस दर्दनाक घटना से हर कोई स्तब्ध है। दरअसल बीती रात अमांपुर कस्बे के एटा रोड पर स्थित एक किराए की दुकान और मकान में रह रहे परिवार से दो दिन तक कोई हलचल नहीं दिखी।
Kasganj News: बंद मकान से मिले 5 शव
जब दुकान नहीं खुली और अंदर से कोई गतिविधि नजर नहीं आई तो आसपास के लोगों को शक हुआ। पड़ोसियों ने दरवाजे की दरार से झांककर देखा तो अंदर शव दिखाई दिए। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही अमांपुर थाना प्रभारी दिनेश सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मकान अंदर से बंद था, इसलिए मृतक की ससुराल पक्ष के लोगों को बुलाया गया। उनकी मौजूदगी में दुकान और मकान का ताला तोड़ा गया।
Uttar Pradesh News: अंदर का मंजर देखकर सन्न रह गई पुलिस

दरवाजा खुलते ही पुलिस और परिजन अंदर का दृश्य देखकर दंग रह गए। कमरे के फर्श पर महिला और तीन बच्चों के शव पड़े थे, जबकि परिवार के मुखिया सत्यवीर का शव फंदे से लटका मिला। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई:
- सत्यवीर उर्फ फौजी (लगभग 50 वर्ष), पेशे से बेल्डिंग मिस्त्री
- उनकी पत्नी रामश्री देवी (लगभग 45 वर्ष)
- बेटी प्राची (12 वर्ष)
- बेटी आकांक्षा (8 वर्ष)
- बेटा गिरीश कुमार (5 वर्ष)
पुलिस जांच में जुटी, फोरेंसिक टीम भी पहुंची

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के वरिष्ठ अधिकारी और डीआईजी अलीगढ़ भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर ऐसी क्या वजह रही कि सत्यवीर ने इतना बड़ा कदम उठा लिया। अभी तक घटना के पीछे की असली वजह सामने नहीं आ सकी है। जांच जारी है।
किराए की दुकान में करता था काम
बताया जा रहा है कि सत्यवीर नगला भोजराज गांव का रहने वाला था और अमांपुर कस्बे के एटा रोड पर किराए की दुकान लेकर बेल्डिंग का काम करता था। वह अपने परिवार के साथ वहीं दो दुकानों में रह रहा था। दो दिन से दुकान बंद होने पर लोगों को शक हुआ और फिर यह दुखद घटना सामने आई।
गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
आज सभी मृतकों का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव नगला भोजराज में किया गया। पूरे गांव में शोक का माहौल रहा। बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम विदाई देने पहुंचे। घटना की सूचना मिलने पर कई जनप्रतिनिधि भी मृतक के घर पहुंचे। पूर्व सांसद राजवीर सिंह राजू, भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा, विधायक हरिओम वर्मा, विधायक देवेंद्र सिंह और एमएलसी रजनीकांत माहेश्वरी सहित अन्य लोगों ने परिजनों को ढांढस बंधाया। पूर्व सांसद ने परिवार को हर संभव सहायता का भरोसा दिया। यह घटना पूरे क्षेत्र के लिए बेहद दुखद और चिंताजनक है। पुलिस की जांच के बाद ही इस दर्दनाक कदम के पीछे की असली वजह साफ हो पाएगी।
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