‘सुन्दर मुंदरिए तेरा कौन विचारा…’ लोहड़ी पर ये सॉन्ग न बजे तो दिल कैसे नचे, इस लोकगीत बिना अधूरा है ये पर्व

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Lohri Geet Sunder Mundriye Song Lyrics: लोहड़ी भारत का एक प्रमुख लोक पर्व है, जो हर साल मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाता है। यह पर्व खुशी, आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश देता है। खास तौर पर पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में लोहड़ी को बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है। मान्यता है कि लोहड़ी का पर्व रबी की फसल की कटाई की शुरुआत का प्रतीक है। किसान इस दिन अच्छी फसल और समृद्धि के लिए ईश्वर का धन्यवाद करते हैं। लोहड़ी की शाम को लोग खुले स्थान पर अग्नि जलाते हैं। इसके चारों…

Lohri Geet Sunder Mundriye Song Lyrics: लोहड़ी भारत का एक प्रमुख लोक पर्व है, जो हर साल मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाता है। यह पर्व खुशी, आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश देता है। खास तौर पर पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में लोहड़ी को बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है।

मान्यता है कि लोहड़ी का पर्व रबी की फसल की कटाई की शुरुआत का प्रतीक है। किसान इस दिन अच्छी फसल और समृद्धि के लिए ईश्वर का धन्यवाद करते हैं। लोहड़ी की शाम को लोग खुले स्थान पर अग्नि जलाते हैं। इसके चारों ओर घूमते हुए लोग आग में रेवड़ी, मूंगफली, गुड़ और तिल अर्पित करते हैं। यह परंपरा प्रकृति और अग्नि देव को धन्यवाद देने का प्रतीक मानी जाती है।

Lohri Geet Sunder Mundriye Song Lyrics (Photo: Social media)
Lohri Geet Sunder Mundriye Song Lyrics (Photo: Social media)

Lohri Geet Sunder Mundriye Song Lyrics: ‘सुंदर मुंदरिए’ लोकगीत की परंपरा

लोहड़ी के अवसर पर पंजाब का प्रसिद्ध लोकगीत “सुंदर मुंदरिए तेरा कौन विचारा…”गाने की विशेष परंपरा है। यह गीत सामूहिक रूप से गाया जाता है और त्योहार की रौनक बढ़ा देता है।

Lohri Geet Sunder Mundriye Song Lyrics (Photo: Social media)
Lohri Geet Sunder Mundriye Song Lyrics (Photo: Social media)

Lohri Geet Sunder Mundriye Song Lyrics in Hindi: लोहड़ी का ‘सुंदर मुंदरिए’ गीत

सुंदर मुंदरिए
तेरा कौन विचारा
दुल्ला भट्टीवाला
दुल्ले दी धी व्याही
सेर शक्कर पायी
कुड़ी दा लाल पताका
कुड़ी दा सालू पाटा
सालू कौन समेटे
मामे चूरी कुट्टी
जमींदारां लुट्टी
जमींदार सुधाए
गिन गिन पोले लाए
इक पोला घट गया

Lohri Geet Sunder Mundriye Song Lyrics (Photo: Social media)
Lohri Geet Sunder Mundriye Song Lyrics (Photo: Social media)

जमींदार वोहटी ले के नस गया
इक पोला होर आया
जमींदार वोहटी ले के दौड़ आया
सिपाही फेर के ले गया
सिपाही नूं मारी इट्ट
भावें रो ते भावें पिट्ट
साहनूं दे लोहड़ी
तेरी जीवे जोड़ी
साहनूं दे दाणे
तेरे जीण न्याणे

Lohri Geet Sunder Mundriye Song Lyrics (Photo: Social media)
Lohri Geet Sunder Mundriye Song Lyrics (Photo: Social media)

Lohri 2026 Special Geet: कौन थे दुल्ला भट्टी?

दुल्ला भट्टी मुगल काल के एक प्रसिद्ध पंजाबी लोकनायक थे। वे गरीबों और जरूरतमंदों की मदद के लिए जाने जाते थे। कहा जाता है कि उन्होंने कई गरीब लड़कियों को अत्याचार से बचाया और उनकी शादी करवाई। लोहड़ी के दिन ‘सुंदर मुंदरिए’ गीत गाकर दुल्ला भट्टी के साहस, परोपकार और मानवता को याद किया जाता है। इसलिए यह पर्व सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि न्याय और दया की भावना का भी प्रतीक है।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।