Makar Sankranti News: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में मकर संक्रांति और कपिल सिंह के जन्मोत्सव के अवसर पर सामाजिक समरसता और सेवा भाव से जुड़ा एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए और खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए और आपसी भाईचारे के साथ पर्व को मनाया गया।
Makar Sankranti News: रामगढ़ ग्राम पंचायत में हुआ आयोजन
यह कार्यक्रम विकास खंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रामगढ़ में आयोजित किया गया। ठंड के मौसम को देखते हुए कंबल वितरण को खास महत्व दिया गया, ताकि जरूरतमंद लोगों को राहत मिल सके। साथ ही खिचड़ी भोज के माध्यम से सभी वर्गों के लोगों ने एक साथ बैठकर भोजन किया, जिससे सामाजिक एकता का संदेश गया।

Amethi News: दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में कई प्रमुख और वरिष्ठ नेताओं ने शिरकत की। जिला अध्यक्ष सुधांशु शुक्ला, विधान परिषद सदस्य शैलेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष राम प्रसाद यादव सहित कई अन्य वरिष्ठ नेता कार्यक्रम में मौजूद रहे। इन नेताओं ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।
आयोजक अमरेंद्र सिंह पिंटू की पहल
इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन भाजपा नेता अमरेंद्र सिंह पिंटू के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति जैसे पावन पर्व पर जरूरतमंदों की मदद करना और लोगों को एक साथ जोड़ना ही इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने आगे भी ऐसे सामाजिक कार्यक्रम लगातार आयोजित करने की बात कही।

हजारों लोगों ने लिया भाग
कार्यक्रम में विधानसभा क्षेत्र अमेठी की हजारों की संख्या में सम्मानित जनता और संभ्रांत नागरिक शामिल हुए। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। कंबल पाकर जरूरतमंद लोगों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी।
सामाजिक एकता का संदेश
मकर संक्रांति के अवसर पर हुए इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि पर्व केवल धार्मिक नहीं होते, बल्कि वे समाज को जोड़ने और सेवा करने का भी माध्यम होते हैं। कंबल वितरण और सामूहिक भोज ने आपसी प्रेम, सहयोग और भाईचारे को और मजबूत किया।

आयोजन की हुई सराहना
स्थानीय लोगों ने इस कार्यक्रम की खुले दिल से प्रशंसा की। उनका कहना था कि ऐसे आयोजन समाज के कमजोर वर्गों को सहारा देते हैं और सभी को एक-दूसरे के करीब लाते हैं। कुल मिलाकर यह कार्यक्रम सेवा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी का एक सफल उदाहरण साबित हुआ।




















