बसपा प्रमुख मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सपा-बसपा-रालोद गठबंधन को जातिवादी करार दिए जाने का जवाब देते हुए शुक्रवार को कहा कि मोदी के आरोप हास्यास्पद और बचकाने हैं। मायावती ने कहा कि हमारे गठबंधन को जातिवादी कहना ना सिर्फ हास्यास्पद है बल्कि बचकाना भी है। नरेंद्र मोदी पिछड़ी जाति के नहीं हैं, इसी वजह से उन्हें जातिवाद का दंश नहीं सहन करना पड़ा है।
गठबंधन के लिए ऐसे शब्दों के इस्तेमाल से बचा जाना चाहिए क्योंकि ऐसे शब्द ठीक नहीं हैं। बसपा प्रमुख ने कहा कि मोदी ने खुद को जबरदस्ती का पिछड़ा घोषित कर रखा है। अगर वह जन्म से ही पिछड़े हैं तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उन्हें दोबारा प्रधानमंत्री नहीं बनने देगा। संघ ने कल्याण सिंह जैसे पिछड़े वर्ग के नेता के साथ क्या किया, यह सबको मालूम है।
मायावती ने कहा कि गठबंधन पर आरोप लगाने के बजाय मोदी को गुजरात में झांकना चाहिए। मुझे पता चला है कि वहां दलितों को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार नहीं मिला है। वहां एक दलित युवक को अपनी शादी में घोड़े पर नहीं चढ़ने दिया गया। गुजरात में दलितों पर जुल्म किए जा रहे हैं।
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मायावती ने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा जिस तरह के अल्फाज इस्तेमाल किए जा रहे हैं, उनसे जाहिर होता है कि उनकी पार्टी लोकसभा चुनाव हार रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में नहीं आ रही है और मोदी का दोबारा प्रधानमंत्री बनने का सपना पूरा नहीं होगा।


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