मोहन सरकार ने मध्य प्रदेश में 9 साल से लंबित प्रमोशन प्रक्रिया को मंजूरी दी है। इस निर्णय से हजारों सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलेगा और नई भर्तियों का रास्ता खुलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक में आरक्षित वर्गों का विशेष ध्यान रखने की बात कही है।
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने अपने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। यह फैसला सरकारी कर्मचारी के लिए बड़े तौफे के सामान है। लगभग 9 सालों के बाद प्रदेश में प्रमोशन की प्रक्रिया को फिर से शुरू करने की मोहन सरकार ने मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। इससे न केवल हजारों कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलेगा, बल्कि लंबे समय से अटकी नई भर्तियों का रास्ता भी खुलेगा।
आरक्षित वर्गों का ख्याल रखा गया
बैठक में कई हम मुद्दे पर निर्णय लिया गया है। मोहन सरकार का विशेष तौर पर कहना है कि प्रमोशन प्रक्रिया को लेकर आरक्षित वर्गों का ख्याल रखा गया है। किसी तरह की कोई क़ानूनी अड़चन न आए इसका भी ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री के इस फैसले से राज्य के लगभग 4 लाख सरकारी कर्मचारी को लाभ मिलने की आशंका है। हालांकि, कुछ ऐसे भी संगठन भी है जो इस नए फॉर्मूले को सपोर्ट नहीं कर रहा है।
आज मंत्रालय में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के गायन के साथ कैबिनेट की बैठक प्रारंभ हुई। pic.twitter.com/8C4HdrSutU
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) June 17, 2025
सीएम यादव ने दी जानकारी
सीएम यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा,”आज कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के कर्मचारियों-अधिकारियों के 9 वर्ष से लंबित पदोन्नति के मामले का निराकरण किया। इसमें SC-ST सहित सभी वर्ग के कर्मचारियों-अधिकारियों के हितों का ध्यान रखा गया है। इसके माध्यम से पदोन्नति के बाद शासकीय सेवाओं में 2 लाख पद रिक्त होंगे और इन पर नये सिरे से भर्ती की संभावना बनेगी।”
International Yoga Day 2025: सुकून भरी नींद के लिए रात में करें ये योगासन, पाचन क्रिया भी होगी बेहतर


Download Android App
Download iOS App



