National Pharmacy Education Day 2026: राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस के अवसर पर पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित “फार्मा अन्वेषण 2026” कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी द्वारा फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में फार्मेसी शिक्षा, शोध और उद्योग के समन्वय पर व्यापक चर्चा की गई।
फार्मेसी शिक्षा और नवाचार को प्रोत्साहन
कार्यक्रम की थीम “Future Pharma Ecosystem: Academia, Industry, Research, Regulatory and Practice के बीच समन्वय” रही, जिसने बदलते स्वास्थ्य परिदृश्य में फार्मेसी की अहम भूमिका को रेखांकित किया।
अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि फार्मेसी क्षेत्र आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बन चुका है और इसकी भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के साथ-साथ फार्मेसी शिक्षा और अनुसंधान को भी प्राथमिकता दे रही है, जिससे गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।
छात्रों और शोधार्थियों ने नवाचार और कौशल प्रदर्शित किया
उन्होंने युवाओं और शोधार्थियों को नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि नए विचार और तकनीक ही भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को दिशा देंगे। साथ ही उन्होंने अकादमिक संस्थानों और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे रोजगार के नए अवसरों का सृजन हो सके।























