Om Prakash Rajbhar Big Statment: उत्तर प्रदेश की सियासी गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अपने बयान से हलचल मचा दी है। सोमवार को महराजगंज के कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित सामाजिक समरसता महारैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का जनाधार लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि अगर उत्तर प्रदेश का चार हिस्सों में बंटवारा होता है तो पूर्वांचल का मुख्यमंत्री राजभर का बेटा बनेगा। इसके साथ ही उन्होंने कई राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी और विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा।
Om Prakash Rajbhar Big Statment: कांशीराम के योगदान को किया याद
अपने संबोधन में राजभर ने बहुजन आंदोलन के नेता कांशीराम के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि आज कई लोग खुद को उनका उत्तराधिकारी बताने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने शोषित, दलित और पिछड़े समाज को राजनीतिक रूप से जागरूक किया। राजभर ने कहा कि कांशीराम के प्रयासों का ही परिणाम था कि पिछड़े और दलित समाज से जुड़े नेता आगे बढ़े और प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी जागरूकता के कारण मुलायम सिंह यादव और मायावती जैसे नेता उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।
सपा पर साधा निशाना
राजभर ने समाजवादी पार्टी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब कांशीराम ने अपनी पार्टी की स्थापना की थी, तब अखिलेश यादव विदेश में पढ़ाई कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के नेतृत्व को 2027 में सत्ता में आने का सपना छोड़ देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सपा की सरकार के दौरान कांशीराम नगर जिले का नाम बदलकर कासगंज कर दिया गया था, जो कांशीराम के सम्मान के खिलाफ था।
सुभासपा पूरी करेगी कांशीराम का सपना
राजभर ने कहा कि कांशीराम ने एक नारा दिया था— “जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी भागीदारी।” उन्होंने कहा कि यह सपना अभी पूरी तरह साकार नहीं हो पाया है। उनका कहना था कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रही है और समाज के हर वर्ग को उसका अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष कर रही है।
महिलाओं को राजनीति में आने का आह्वान
महिला आरक्षण के मुद्दे पर बोलते हुए राजभर ने कहा कि जब यह पूरी तरह लागू होगा तो संसद और विधानसभा में हर 100 में से 33 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। उन्होंने महिलाओं से अधिक संख्या में राजनीति में आने की अपील की और कहा कि अधिकार पाने के लिए जागरूक और सक्रिय होना जरूरी है। उन्होंने महिलाओं से रानी लक्ष्मीबाई की तरह अपने अधिकारों के लिए आगे आने का आह्वान किया।
जनता की सेवा को बताया प्राथमिकता
राजभर ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि किसी भी व्यक्ति का इलाज पैसे के अभाव में न रुके। उन्होंने कहा कि चाहे कोई भी जाति, धर्म या राजनीतिक दल से जुड़ा हो, यदि वह उनके पास मदद के लिए आता है तो वे हर संभव सहायता करेंगे। उन्होंने कहा कि जनता के समर्थन की वजह से आज वह ऐसे स्थान पर बैठते हैं जहां मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव और डीजीपी जैसे अधिकारी भी बैठते हैं। लोगों से उन्होंने अपनी समस्याएं खुलकर बताने को कहा और भरोसा दिलाया कि उनका समाधान किया जाएगा।
सरकारी स्कूलों के सुधार का किया जिक्र
अपने भाषण में राजभर ने सरकारी स्कूलों में हुए बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले गरीब बच्चों को खाकी रंग की ड्रेस पहनकर स्कूल जाना पड़ता था। 2017 में सत्ता में आने के बाद उन्होंने विधानसभा और कैबिनेट की बैठकों में इस मुद्दे को उठाया। इसके बाद सरकारी स्कूलों के बच्चों की ड्रेस बदली गई और उन्हें मुफ्त किताबें देने की व्यवस्था भी की गई। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना और गरीब बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर देना है।
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