Anand Mahindra Uttarakhand Festival: भारत त्योहारों का देश है, लेकिन क्या आप उन सभी के बारे में जानते हैं? हमारा देश सिर्फ़ एक नहीं, बल्कि ऐसे कई त्योहार मनाता है, जिनमें से कुछ के बारे में आप जानते तक नहीं हैं। दरअसल, हाल ही में उत्तराखंड में ‘फूलदेई, छम्मा देई’ लोक उत्सव मनाया गया।
Anand Mahindra Uttarakhand Festival

यह त्योहार मुख्य रूप से पहाड़ी इलाकों में मनाया जाता है। अब, महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘X’ (पहले Twitter) पर इस त्योहार से जुड़ा एक वीडियो शेयर किया है,एक ऐसा वीडियो जिसने एक बार फिर सबका दिल जीत लिया है। तो, आइए देखते हैं कि ‘X’ पर यह पोस्ट आख़िर इतनी खास क्यों है कि इसने खुद महिंद्रा को भी मोह लिया।
I must confess that until recently I had never heard of Phool Dei, a spring festival that was celebrated yesterday in the villages of Uttarakhand.
Children gather fresh flowers from the hills and go from house to house placing them on doorsteps, offering a blessing for the… pic.twitter.com/5rkLkAjWj5
— anand mahindra (@anandmahindra) March 16, 2026
उत्तराखंड के पहाड़ों में मनाया जाने वाला वसंत का त्योहार ‘फूलदेई’ एक मासूम और खूबसूरत त्योहारों में से एक है। महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आंनद महिंद्रा ने इस त्यौहार से जुड़ा एक पोस्ट एक्स पर शेयर किया है। उनके इस पोस्ट में पहाड़ों की सांस्कृतिक को दिखाया गया है। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा,”मुझे यह स्वीकार करना पड़ेगा कि हाल तक मैंने ‘फूल देई’ के बारे में कभी नहीं सुना था – यह वसंत का एक त्योहार है जिसे कल उत्तराखंड के गांवों में मनाया गया।
उन्होंने इस त्योहार की खासियत बताते हुए आगे लिखा, “बच्चे पहाड़ियों से ताज़े फूल इकट्ठा करते हैं और घर-घर जाकर उन्हें दरवाज़ों की चौखट पर रखते हैं, और घर-परिवार के लिए आशीर्वाद देते हैं: “फूल देई, छम्मा देई, देनी द्वार, भर भाकर…” (जिसका मतलब है – घर में सुख-समृद्धि बनी रहे) बदले में उन्हें मिठाइयां मिलती हैं।
‘हैलोवीन’ से तुलना, बताया सबसे अलग

इससे मुझे अमेरिका में मनाए जाने वाले ‘हैलोवीन’ की थोड़ी याद आ गई, जहां बच्चे घर-घर जाकर “ट्रिक ऑर ट्रीट” कहते हैं। लेकिन यह कितना प्यारा फ़र्क है! यहाँ बच्चे किसी शरारत की धमकी देते हुए या पहले कुछ मांगते हुए नहीं आते, बल्कि पहले कुछ देते हैं – फूल। आज के ज़माने में जब हम पर्यावरण के प्रति जागरूकता की इतनी बातें करते हैं, तब वसंत और प्रकृति का यह सुंदर उत्सव और भी ज़्यादा लोगों तक पहुंचना चाहिए। जिस तरह होली पूरे भारत और दुनिया भर में फैली, शायद ‘फूल देई’ को भी वैसे ही फैलना चाहिए। मेरे लिए, उत्तराखंड के ये बच्चे ही मेरे #MondayMotivation हैं।
Uttarakhand Festival: क्या है फूलदेई, छम्मा देई?

बता दें कि ‘फूलदेई’ उत्तराखंड का एक पारंपरिक वसंतोत्सव (लोक पर्व) है, जो चैत्र माह की संक्रांति (मार्च) को मनाया जाता है। बच्चे घर-घर जाकर दहलीजों पर फूल और चावल चढ़ाते हैं, और पारंपरिक गीत—”फूलदेई, छम्मा देई” गाते हैं। यह त्योहार प्रकृति, समृद्धि, और आपसी प्रेम का प्रतीक है।
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