Pakistan Earthquake Today: भूकंप के तेज झटकों से कांपी पाकिस्तान की धरती, 5.2 रही तीव्रता, जानें भूकंप का केंद्र

Summary :

Pakistan Earthquake Today: पाकिस्तान में आज सुबह सुबह भूंकप के तेज झटके से दहशत का माहौल बन गया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, सुबह तड़के रिक्टर पैमाने पर 5.2 तीव्रता का भूकंप पाकिस्तान में आया और भूकंप का केन्द्र 135 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। बता दें कि पहले झटका 1.59 बजे आया और दूसरा झटका सुबह 3.09 बजे आया और इसकी तीव्रता 5.2 मापी गई। इन झटकों का असर अफगानिस्तान में भी महसूस किया गया। Pakistan Earthquake Today पाकिस्तान में भूकंप के तेज झटकों के बाद लोग घर से बाहर निकल गए लेकिन अभी किसी भी जान-माल…

Pakistan Earthquake Today: पाकिस्तान में आज सुबह सुबह भूंकप के तेज झटके से दहशत का माहौल बन गया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, सुबह तड़के रिक्टर पैमाने पर 5.2 तीव्रता का भूकंप पाकिस्तान में आया और भूकंप का केन्द्र 135 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। बता दें कि पहले झटका 1.59 बजे आया और दूसरा झटका सुबह 3.09 बजे आया और इसकी तीव्रता 5.2 मापी गई। इन झटकों का असर अफगानिस्तान में भी महसूस किया गया।

Pakistan Earthquake Today

Pakistan Earthquake Today
Pakistan Earthquake Today

पाकिस्तान में भूकंप के तेज झटकों के बाद लोग घर से बाहर निकल गए लेकिन अभी किसी भी जान-माल की सूचना नहीं है। बता दें कि पहला झटका अफगानिस्तान में दर्ज किया गया था और दूसरा 5.2 तीव्रता का जोरदार झटका पाकिस्तान में महसूस किया गया। तेज झटकों के बाद लोगों में दहशत का माहौल है।

Earthquake in Pakistan

पाकिस्तान दुनिया के भूकंपीय दृष्टि से सक्रिय देशों में से एक है, जहां कई प्रमुख भूकंपीय भ्रंश हैं। यह टकराव क्षेत्र देश को भीषण भूकंपों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बनाता है। बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और गिलगित-बाल्टिस्तान जैसे प्रांत यूरेशियन प्लेट के दक्षिणी किनारे पर स्थित हैं, जबकि सिंध और पंजाब भारतीय प्लेट के उत्तर-पश्चिमी किनारे पर स्थित हैं, जिससे यहाँ अक्सर भूकंप आते रहते हैं।

Earthquake Strikes in Pakistan

Earthquake Strikes in Pakistan
Earthquake Strikes in Pakistan

उथले भूकंप आमतौर पर गहरे भूकंपों की तुलना में ज़्यादा खतरनाक होते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि उथले भूकंपों से आने वाली भूकंपीय तरंगों की सतह तक पहुँचने की दूरी कम होती है, जिससे ज़मीन ज़्यादा हिलती है और इमारतों को ज़्यादा नुकसान और ज़्यादा हताहत होने की संभावना होती है।

ALSO READ: म्यांमार में फिर हिली धरती, राजधानी नेप्यीडॉ में सुबह-सुबह दहशत, आया 3.5 तीव्रता का भूकंप

Himanshu Negi

हिमांशू नेगी को देश-विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने GGSIPU से संबद्ध LLDIMS कॉलेज से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन (BJMC) की पढ़ाई की है। इसके बाद HNBGU Central University से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MAJMC) पूरा किया और पत्रकारिता की शुरुआत की। दैनिक जागरण और IJCP Pvt Ltd. में इंटर्नशिप करने के बाद उन्होंने सुदर्शन टीवी चैनल में 9 PM शो के लिए प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।