Pakistan Warning to Israel: मिडिल ईस्ट में जारी जंग और भी भीषण होती जा रही है। इस बीच अब पाकिस्तान ने इजरायल को कड़ी चेतावनी दी है। दरअसल पाकिस्तान की तरफ से यह प्रतिक्रिया इजरायल की तरफ से ईरान की राजधानी तेहरान में गुरुवार रात करीब 8 बजे जोरदार हवाई हमले किए जाने के बाद आई है। बता दें, कि यह हमले उस इलाके के बेहद करीब हुए जहां पाकिस्तान का दूतावास और राजदूत का आवास स्थित है। धमाकों की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि आसपास का पूरा इलाका हिल गया। हमले के बाद पाकिस्तान ने इजरायल को चेतावनी देते हुए कहा कि वह कतर नहीं है जो हमले के बाद चुपचाप बैठ जाएगा।
शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी दूतावास को सीधे निशाना नहीं बनाया गया। राहत की बात यह है कि वहां मौजूद सभी राजनयिक और स्टाफ पूरी तरह सुरक्षित हैं। दूतावास की इमारत को भी कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है, यहां तक कि खिड़कियों के शीशे भी सलामत हैं। हालांकि, पास की कई इमारतों को झटकों से नुकसान हुआ है और लोग दहशत में आ गए।
Pakistan Warning to Israel: पाकिस्तान की इजरायल को चेतावनी

हमले के बाद पाकिस्तान से जुड़े रणनीतिक मंच ने इजरायल को सख्त चेतावनी दी है। पाकिस्तान ने कहा कि वह कतर नहीं है जो हमले के बाद चुपचाप बैठ जाएगा। बयान में ये भी कहा गया कि पाकिस्तान कमजोर देश नहीं है और अगर उसके किसी भी राजनयिक को दुनिया में कहीं नुकसान पहुंचा, तो उसका जवाब बेहद कड़ा होगा। इस बयान से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
कूटनीतिक इलाकों के पास हमले से बढ़ी चिंता
हाल के दिनों में ईरान के कई शहरों—तेहरान, काशान और आबादान—में लगातार हवाई हमले हो रहे हैं। इन हमलों में कुछ ऐसे इलाके भी शामिल हैं जहां विदेशी दूतावास और कूटनीतिक आवास मौजूद हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि ऐसे क्षेत्रों पर हमले से बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है।
Pakistan Warning to Israel: जंग का चौथा हफ्ता, हालात गंभीर
ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष अब चौथे हफ्ते में पहुंच चुका है। लगातार हो रहे हमलों ने हालात को और ज्यादा गंभीर बना दिया है। इस पूरे संकट में पाकिस्तान की स्थिति भी संवेदनशील हो गई है, क्योंकि वह दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता की पेशकश
इस तनावपूर्ण माहौल में पाकिस्तान ने शांति की दिशा में कदम बढ़ाते हुए मध्यस्थता की पेशकश की है। इस्लामाबाद के अधिकारियों का कहना है कि अगर अमेरिका और ईरान तैयार हों, तो पाकिस्तान बातचीत के लिए मंच उपलब्ध करा सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत की संभावना बन रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
Pakistan Warning to Israel: अमेरिका का रुख और नई समयसीमा

इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बिजली ढांचे पर संभावित हमलों को लेकर तय समयसीमा को आगे बढ़ा दिया है। यह फैसला होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने से जुड़ा हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह मार्ग बंद रहता है, तो ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि बातचीत जारी है और हालात को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने की कोशिश हो रही है। नई समयसीमा अब 6 अप्रैल तय की गई है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि तब तक हालात में कुछ सुधार हो सकता है।
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