पोटाली आयुष्मान आरोग्य मंदिर: हिंसा से राष्ट्रीय गुणवत्ता तक की ऐतिहासिक छलांग

Summary :

Potali Ayushman Arogya Mandir: कभी जिस पोटाली का नाम डर, हिंसा और परित्यक्त इमारतों से जुड़ा था, आज वही पोटाली गुणवत्ता, भरोसे और शासन की सफलता का प्रतीक बन चुका है। नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा अंचल में स्थित पोटाली उप-स्वास्थ्य केंद्र की कहानी केवल एक भवन के पुनर्जीवन की नहीं है, यह उस राज्य-संकल्प की कथा है जिसने साबित किया कि अगर नीयत साफ हो, तो सबसे कठिन ज़मीन पर भी विकास की फसल उगाई जा सकती है। अधूरे सपने से नई शुरुआत करीब डेढ़ दशक तक नक्सली हिंसा और असुरक्षा के कारण बंद पड़ा यह स्वास्थ्य केंद्र स्थानीय लोगों के…

Potali Ayushman Arogya Mandir: कभी जिस पोटाली का नाम डर, हिंसा और परित्यक्त इमारतों से जुड़ा था, आज वही पोटाली गुणवत्ता, भरोसे और शासन की सफलता का प्रतीक बन चुका है। नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा अंचल में स्थित पोटाली उप-स्वास्थ्य केंद्र की कहानी केवल एक भवन के पुनर्जीवन की नहीं है, यह उस राज्य-संकल्प की कथा है जिसने साबित किया कि अगर नीयत साफ हो, तो सबसे कठिन ज़मीन पर भी विकास की फसल उगाई जा सकती है।

अधूरे सपने से नई शुरुआत

करीब डेढ़ दशक तक नक्सली हिंसा और असुरक्षा के कारण बंद पड़ा यह स्वास्थ्य केंद्र स्थानीय लोगों के लिए एक अधूरा सपना था। साधारण दवा के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना मजबूरी थी। किन्तु पूर्व के वर्षों मे जब इसे आयुष्मान भारत-हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में पुनर्जीवित करने का निर्णय हुआ, तब यह केवल एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि विश्वास की वापसी की शुरुआत थी।

संघर्षों के बीच अधूरी राह

Potali Ayushman Arogya Mandir
Potali Ayushman Arogya Mandir (Image- Social Media)

उल्लेखनीय है कि एसएचसी पोटाली का निर्माण वर्ष 2004-05 में हुआ था, किंतु नक्सलियों के तीव्र विरोध और भय के चलते इस भवन का उपयोग संभव नहीं हो सका। ग्रामीणों के अनुरोध पर जिला स्वास्थ्य दल द्वारा गैप एनालिसिस कर प्रस्ताव जनपद सदस्य को सौंपा गया, जिन्होंने इसे जिला कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया। जिला प्रशासन ने मांग को स्वीकृति दी और कार्य प्रगति पर आया।

हालांकि, 26 अप्रैल 2023 को अरनपुर क्षेत्र के पास हुए विस्फोट में चालक सहित 10 डीआरजी जवानों के शहीद होने की दुखद घटना के बाद सुरक्षा कारणों से कार्य कई महीनों तक ठप रहा। ग्रामीणों से संवाद और जिला प्रशासन के आश्वासन के उपरांत नवंबर 2023 में कार्य फिर से शुरू हुआ। पूर्व जनपद सदस्य के सहयोग से अधोसंरचना विकास ने गति पकड़ी। दुर्भाग्यवश, 26 अप्रैल 2024 को जनप्रतिनिधि की हत्या से परियोजना एक बार पुनः बाधित हुई।

चुनौतियों से भरी रही यह यात्रा

नक्सली घटनाएं, सुरक्षा संकट, दीर्घकालिक अवरोध और जनप्रतिनिधि की दुखद मृत्यु। इसके बावजूद जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के तकनीकी सहयोग और स्थानीय समुदाय की सक्रिय सहभागिता ने यह स्पष्ट कर दिया कि भय से बड़ा संकल्प होता है।

 मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री के नेतृत्व ने बदली तस्वीर

Potali Ayushman Arogya Mandir
Potali Ayushman Arogya Mandir (Image- Social Media)

1 जनवरी 2025 को जब पोटाली आयुष्मान आरोग्य मंदिर का उद्घाटन हुआ, तब यह केवल एक इमारत का उद्घाटन नहीं था, बल्कि उस भरोसे की मुहर थी जो राज्य ने अपने सबसे दूरस्थ नागरिकों से किया था। जब इसके बाद इस केंद्र ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाणन प्राप्त किया, तो यह स्पष्ट हो गया कि गुणवत्तापूर्ण सेवाएं केवल शहरी क्षेत्रों का विशेषाधिकार नहीं हैं।

इस सफलता के केंद्र में छत्तीसगढ़ सरकार की स्पष्ट सोच और सुशासन की प्रतिबद्धता है। माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व व स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में यह संदेश बार-बार दोहराया गया है कि विकास की धारा वहां तक पहुंचेगी, जहां अब तक केवल उपेक्षा पहुंची थी। पोटाली इसका जीवंत उदाहरण है।

Chhattisgarh News: नक्सलवाद से विकास की ओर

Potali Ayushman Arogya Mandir
Potali Ayushman Arogya Mandir (Image- Social Media)

आज पोटाली आयुष्मान आरोग्य मंदिर केवल एक स्वास्थ्य केंद्र नहीं, बल्कि यह बताता है कि नक्सल से उन्नति की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ कैसा दिखता है, जहां बंदूक की आवाज़ पर स्वास्थ्य सेवा की दस्तक भारी पड़ती है, और जहां डर के स्थान पर भरोसा जन्म लेता है। यह कहानी सिर्फ पोटाली की नहीं है। यह उन सभी दूरस्थ और संघर्षग्रस्त क्षेत्रों के लिए प्रेरणा है, जो अब भी विकास की राह देख रहे हैं। पोटाली ने बता दिया है, अगर इरादे मजबूत हों, तो सबसे कठिन रास्ते भी मंज़िल तक पहुंचते हैं।

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Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।