Russia on India Bangladesh Tensions: बांग्लादेश इस समय गंभीर राजनीतिक और सामाजिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। राजधानी ढाका समेत कई इलाकों में पिछले एक हफ्ते से हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हालात उस समय और बिगड़ गए जब छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत हो गई। इसके बाद देश में इस्लामिक कट्टरपंथी संगठनों ने बड़े पैमाने पर हिंसक प्रदर्शन शुरू कर दिए। इन प्रदर्शनों में भारत विरोधी नारे भी लगाए जा रहे हैं, जिससे दोनों देशों के संबंधों पर असर पड़ा है।
India Bangladesh Relations: भारत और बांग्लादेश की वीजा सेवाएं प्रभावित
बांग्लादेश में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत ने चटगांव स्थित इंडियन वीजा एप्लीकेशन सेंटर में वीजा सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दीं। भारत के इस कदम के बाद बांग्लादेश ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए भारत के लिए कांसुलर और वीजा सेवाएं फिलहाल सस्पेंड कर दी हैं। इससे दोनों देशों के नागरिकों को यात्रा और जरूरी कामों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Russia on India Bangladesh Tensions: भारत-बांग्लादेश तनाव पर रूस की सलाह
भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते तनाव को लेकर रूस ने चिंता जताई है। ढाका में रूस के राजदूत अलेक्जेंडर ग्रिगोरियेविच खोजिन ने बांग्लादेश से अपील की है कि वह भारत के साथ अपने रिश्तों में आई कड़वाहट को जल्द से जल्द कम करने की कोशिश करे। रूस का मानना है कि भारत और बांग्लादेश के अच्छे संबंध न केवल इन दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की शांति और स्थिरता के लिए जरूरी हैं।

1971 की याद और पुराने रिश्ते
रूसी राजदूत ने भारत और बांग्लादेश के ऐतिहासिक संबंधों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि 1971 में जब बांग्लादेश को आजादी मिली थी, उस समय भारत ने अहम भूमिका निभाई थी। उस दौर में सोवियत संघ, जो आज रूस है, ने भी बांग्लादेश का समर्थन किया था। उन्होंने बताया कि तीनों देशों ने अतीत में कई बार मिलकर काम किया है और यह सहयोग हमेशा सकारात्मक रहा है।

हस्तक्षेप नहीं, सिर्फ सलाह: रूस
रूसी राजदूत ने साफ किया कि रूस भारत और बांग्लादेश के आंतरिक मामलों में कोई दखल नहीं देना चाहता। उन्होंने कहा कि रूस केवल एक मित्र देश के रूप में यह सुझाव दे रहा है कि दोनों देशों को संयम से काम लेना चाहिए। उनके अनुसार, बातचीत और आपसी सहयोग से ही मौजूदा समस्याओं का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सकता है।

Russia on India Bangladesh Tensions (Image- Social Media)
बांग्लादेश में हिंसा पर अमेरिका की प्रतिक्रिया
बांग्लादेश में हुई हिंसा की घटनाओं को लेकर अमेरिका में भी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। हाल ही में एक हिंदू व्यक्ति दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा हत्या किए जाने की अमेरिकी सांसदों ने कड़ी निंदा की है। इलिनॉय राज्य से डेमोक्रेटिक सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने इस घटना को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया है।

Russia on India Bangladesh Tensions (Image- Social Media)
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की मांग
राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि यह हत्या ऐसे समय में हुई है जब बांग्लादेश पहले से ही तनावपूर्ण हालात से गुजर रहा है। उन्होंने बांग्लादेश सरकार से मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाए। साथ ही उन्होंने हिंदू समुदाय और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
शांति और स्थिरता की जरूरत
इन सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाओं से यह साफ है कि दुनिया बांग्लादेश की स्थिति को लेकर चिंतित है। चाहे रूस की भारत-बांग्लादेश संबंधों को लेकर सलाह हो या अमेरिका की मानवाधिकारों पर चिंता, सभी का मकसद शांति, कानून व्यवस्था और स्थिरता बहाल करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि संवाद, भरोसा और आपसी सम्मान से ही क्षेत्र में स्थायी शांति संभव है।
यह भी पढ़ें: मैक्सिको में नेवी का विमान क्रैश, सेकेंडों में बना आग का गोला; 5 की मौत कई घायल


Download Android App
Download iOS App




