मध्य प्रदेश में जनजातीय विकास के लिए 53 करोड़ की योजनाएं शुरू

Summary :

जनजातीय विकास के लिए पेसा एक्ट का लाभ

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जनजातीय विकास के लिए 53 करोड़ की योजनाओं का शुभारंभ किया। पेसा एक्ट के माध्यम से जनजातीय समाज को सशक्त बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। उमरिया जिले में आयोजित सम्मेलन में विकास कार्यों की सौगात दी गई और 13,000 गांवों में पेसा एक्ट लागू किया गया।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के विकास के लिए संकल्पित है। उमरिया जिले के पाली में आयोजित राज्य स्तरीय पेसा एक्ट जागरूकता सम्मेलन में उन्होंने क्षेत्र को विकास कार्यों की सौगात दी, साथ ही जनजातीय समाज के लिए पेसा एक्ट से हो रहे लाभ की चर्चा की। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि पेसा एक्ट जनजातीय समाज के भाई और बहनों को सशक्त बनाता है। विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के विकास, सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए संकल्पित है। इस मौके पर 53 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया। कुल 39.14 करोड़ की लागत के 22 निर्माण कार्यों का लोकार्पण और 14.71 करोड़ की लागत के चार निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया गया। इस अवसर पर हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए गए।

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मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रदेश के 13 हजार गांवों में पेसा एक्ट लागू है। इसके माध्यम से गांवों का विकास हो रहा है। राज्य कैबिनेट की बैठक आदिवासी विभूतियों के क्षेत्र में हुई है। हमारी सरकार ने पेसा एक्ट लागू कर पंचायतों को विकास के नए आयाम दिए हैं। विरासत से विकास की संकल्प यात्रा प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप निरंतर जारी रहेगी। इस आदिवासी अंचल में विभिन्न स्थानों पर विकास की संभावनाएं हैं और यहां वैसे भी ऐतिहासिक धरोहरें हैं, जहां रोजगार के नए आयाम स्थापित किए जा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने पांच हजार से ज्यादा पंचायतों के 13,000 गांवों में पेसा एक्ट लागू किया है। इसके माध्यम से सरकार बहुत से विकास के कार्य करने जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का ध्यान जनजातीय वर्ग के विकास पर है। यही कारण है कि जनजातीय क्षेत्रों में भी कैबिनेट की बैठकें हो रही हैं।

News Desk

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