Explainer: छात्र राजनीति से मुख्यमंत्री तक! जानिए Suvendu Adhikari की संघर्ष, बगावत और सत्ता तक पहुंचने की कहानी

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Suvendu Adhikari Political Career: पश्चिम बंगाल को अपना नया मुख्यमंत्री मिल गया है। बीजेपी विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी के नाम पर अंतिम मुहर लग गई। इस अहम बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मोहन चरण माझी भी मौजूद रहे। शुभेंदु अधिकारी 9 मई को सुबह 11 बजे कोलकाता के ऐतिहासिक Brigade Parade Ground में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह दिन बंगाल के लिए खास माना जा रहा है, क्योंकि 9 मई को रवींद्र जयंती भी मनाई जाती है। इसी अवसर पर राज्य में पहली बीजेपी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। इस कार्यक्रम…

Suvendu Adhikari Political Career: पश्चिम बंगाल को अपना नया मुख्यमंत्री मिल गया है। बीजेपी विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी के नाम पर अंतिम मुहर लग गई। इस अहम बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मोहन चरण माझी भी मौजूद रहे। शुभेंदु अधिकारी 9 मई को सुबह 11 बजे कोलकाता के ऐतिहासिक Brigade Parade Ground में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह दिन बंगाल के लिए खास माना जा रहा है, क्योंकि 9 मई को रवींद्र जयंती भी मनाई जाती है।

इसी अवसर पर राज्य में पहली बीजेपी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेता और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। इस बीच लोगों में यह जानने की भी रूचि बढ़ गई है कि शुभेंदु अधिकारी कौन हैं और इनका सियासत से कितना लंबा रिश्ता है? आइए जानते हैं विस्तार से

Suvendu Adhikari Political Career: छात्र जीवन से राजनीति में रूचि

15 दिसंबर 1970 में जन्में शुभेंदु अधिकारी लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं। छात्र जीवन से ही उनकी राजनीति में गहरी रुचि रही। कॉलेज के दिनों में उन्होंने राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेना शुरू कर दिया था। धीरे-धीरे उन्होंने पश्चिम बंगाल की राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई। उनकी छवि एक आक्रामक और जमीनी नेता की रही है, जिसके कारण वे राज्य के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं।

कांग्रेस से शुरू किया सियासी सफर

साल 1995 में शुभेंदु अधिकारी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से राजनीति में कदम रखा। उसी वर्ष वे पश्चिम बंगाल की कोंटाई नगर पालिका से पार्षद चुने गए। इसके बाद 1998 में उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और All India Trinamool Congress में शामिल हो गए। उस समय पार्टी नई-नई बनी थी और वे शुरुआती नेताओं में शामिल थे।

विधायक से सांसद तक का सफर

साल 2006 में शुभेंदु अधिकारी कांथी दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक बने। इसके बाद 2009 में उन्होंने तामलुक लोकसभा सीट से चुनाव जीता और संसद पहुंचे। 2014 में वे दोबारा इसी सीट से सांसद चुने गए। साल 2016 में उन्होंने नंदीग्राम विधानसभा सीट से जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उसी वर्ष पश्चिम बंगाल में टीएमसी सरकार बनने के बाद उन्हें परिवहन, सिंचाई और जलमार्ग विभाग की जिम्मेदारी दी गई।

ममता बनर्जी से बढ़ा विवाद

समय के साथ शुभेंदु अधिकारी और Mamata Banerjee के बीच मतभेद बढ़ने लगे। साल 2020 में उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद नंदीग्राम विधायक पद और टीएमसी की सदस्यता भी छोड़ दी। 19 दिसंबर 2020 को उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। बीजेपी में शामिल होने के बाद उनकी राजनीतिक सक्रियता और बढ़ गई।

नंदीग्राम से मिली बड़ी पहचान

शुभेंदु अधिकारी को सबसे ज्यादा पहचान नंदीग्राम आंदोलन से मिली। इस आंदोलन के दौरान वे बंगाल की राजनीति का बड़ा चेहरा बनकर उभरे। आंदोलन के बाद उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और वे राज्य के प्रमुख नेताओं में शामिल हो गए। 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को हराकर बड़ी राजनीतिक जीत हासिल की। इस जीत ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में ला दिया। बाद में बीजेपी ने उन्हें विधानसभा में विपक्ष का नेता बनाया। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांथी सीट से जीत दर्ज की। वहीं 2026 के चुनाव में भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को हराकर उन्होंने फिर से बड़ा राजनीतिक संदेश दिया।

राजनीतिक परिवार से संबंध

शुभेंदु अधिकारी एक राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता सिसिर कुमार अधिकारी भी लंबे समय तक राजनीति में सक्रिय रहे हैं। बंगाल की राजनीति में अधिकारी परिवार का काफी प्रभाव माना जाता है। घर का राजनीतिक माहौल होने के कारण शुभेंदु अधिकारी को बचपन से ही राजनीति को करीब से समझने का मौका मिला। यही वजह रही कि उन्होंने कम समय में अपनी अलग पहचान बना ली। आज वे पश्चिम बंगाल की राजनीति के सबसे मजबूत नेताओं में गिने जाते हैं।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।