‘Fake News’ को लेकर Trump का हमला, Iran और US Media दोनों को बताया असली नहीं, सिर्फ AI खबरें फैला रही

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Trump Iran AI fake news controversy: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गलत सूचनाएं फैलाने को लेकर अमेरिकी मीडिया और ईरानी सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान केवल एआई द्वारा निर्मित फर्जी वीडियो के सहारे दुष्प्रचार की लड़ाई जीतने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने आगाह किया कि ईरान द्वारा ‘एआई’ का उपयोग सूचना युद्ध में एक घातक हथियार के रूप में किया जा रहा है, ताकि वैश्विक स्तर पर भ्रम फैलाया जा सके। Trump Iran AI fake news controversy: AI से फर्जी ताकत दिखा रहा ईरान ईरान पर निशाना साधते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति…

Trump Iran AI fake news controversy: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गलत सूचनाएं फैलाने को लेकर अमेरिकी मीडिया और ईरानी सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान केवल एआई द्वारा निर्मित फर्जी वीडियो के सहारे दुष्प्रचार की लड़ाई जीतने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने आगाह किया कि ईरान द्वारा ‘एआई’ का उपयोग सूचना युद्ध में एक घातक हथियार के रूप में किया जा रहा है, ताकि वैश्विक स्तर पर भ्रम फैलाया जा सके।

Trump Iran AI fake news controversy: AI से फर्जी ताकत दिखा रहा ईरान

Trump Iran AI fake news controversy
Trump Iran AI fake news controversy (Source: Social Media)

ईरान पर निशाना साधते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “ईरान को लंबे समय से मीडिया के जरिए तथ्यों से छेड़छाड़ और पब्लिक रिलेशन्स का मास्टर माना जाता है। वे सेना के हिसाब से बेअसर और कमजोर हैं, लेकिन वे फेक न्यूज मीडिया को गलत जानकारी देने में सच में अच्छे हैं। अब, एआई एक और गलत जानकारी का हथियार बन गया है जिसका ईरान काफी अच्छे से इस्तेमाल करता है।

वे दिन-ब-दिन खत्म होते जा रहे हैं।” ट्रंप ने पोस्ट में आगे कहा कि ईरान नकली बोट्स् दिखाकर बता रहा है कैसे ये बोट्स समुद्र में अलग-अलग जहाजों पर गोली चला रही थीं, जो बहुत बढ़िया, ताकतवर और खतरनाक दिखती हैं, लेकिन ये बोट्स हैं ही नहीं। यह सब गलत जानकारी है, जो यह दिखाने के लिए है कि उनकी पहले से हारी हुई सेना कितनी मजबूत है!

Donald Trump Statement: AI से बनाई गई आग और हमले की फेक खबरें

Donald Trump Statement
Donald Trump Statement (Source: Social Media)

अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टिंग पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ईरान के हमले में अमेरिका के पांच रिफ्यूलिंग प्लेन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि वास्तविकता इसके विपरीत है। इनमें से चार विमान पूरी तरह सुरक्षित और सेवा में हैं। केवल एक विमान को आंशिक क्षति पहुंची है, जो मरम्मत के बाद जल्द ही दोबारा उड़ान भरने के लिए तैयार हो जाएगा।

जिन बिल्डिंग्स और शिप में आग लगी हुई दिखाई गई है, वे आग नहीं हैं; यह एआई से बनी फेक न्यूज है। उदाहरण के लिए, ईरान, फेक न्यूज मीडिया के साथ मिलकर काम करते हुए, हमारे महान यूएसएस अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर को, जो दुनिया के सबसे बड़े और सबसे प्रतिष्ठित शिप में से एक है, समुद्र में बेकाबू होकर जलता हुआ दिखा रहा है।”

Trump Iran AI fake news controversy: ट्रंप भड़के, बोले- AI की झूठी लड़ाई जीत रहा ईरान

Trump Iran AI fake news controversy
Trump Iran AI fake news controversy (Source: Social Media)

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि जिन मीडिया आउटलेट्स ने इस तरह की फेक न्यूज फैलाई है, उनके खिलाफ देशद्रोह का चार्ज लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “सच तो यह है कि ईरान खत्म हो रहा है और वे सिर्फ वही लड़ाइयां जीतते हैं जो वे एआई के जरिए बनाते हैं और जिन्हें भ्रष्ट मीडिया आउटलेट्स फैलाते हैं। रेडिकल लेफ्टविंग प्रेस यह अच्छी तरह जानता है, लेकिन फिर भी झूठी कहानियां और झूठ फैलाता रहता है।”

ट्रंप का तंज: खराब रेटिंग के बावजूद मोटी सैलरी पा रहे होस्ट

अमेरिकी मीडिया पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि झूठी खबरों की वजह से इनकी अप्रूवल रेटिंग इतनी कम है। इन मीडिया संस्थानों की कोई विश्वसनीयता नहीं बची है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उन्हें खुशी है कि फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (एफसीसी) के चेयरमैन ब्रेंडन कैर इन भ्रष्ट और बेहद पक्षपाती न्यूज संगठनों के लाइसेंस की समीक्षा कर रहे हैं।

उनके अनुसार, इन संस्थानों को अमेरिकी एयरवेव का मुफ्त इस्तेमाल करने की सुविधा मिलती है, लेकिन वे इसका उपयोग खबरों और अपने कई कार्यक्रमों में गलत जानकारी फैलाने के लिए करते हैं। ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा कि लेट-नाइट शो होस्ट्स को खराब रेटिंग के बावजूद भारी सैलरी मिलती है और जैसा कि वे अपने शो द अप्रेंटिस में कहते थे, उन्हें कभी फायर नहीं किया जाता।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।