Trump Travel Advisory: डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही अमेरिकी सरकार के एक बाद एक चौंकाने वाले फैसलों से दुनिया में हलचल मची हुई है। इस बीच अमेरिका के विदेश विभाग ने गुरुवार यानी 8 जनवरी को अपने नागरिकों के लिए एक नई और सख्त ग्लोबल ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। डोनाल्ड ट्रंप सरकार के कार्यकाल में जारी इस चेतावनी में दुनिया के 21 देशों को सबसे गंभीर कैटेगरी लेवल-4 ‘डू नॉट ट्रैवल’ में रखा गया है। इसका सीधा मतलब है कि अमेरिकी नागरिकों को इन देशों में किसी भी हाल में यात्रा न करने की सलाह दी गई है।
इस फैसले की जानकारी अमेरिकी विदेश विभाग के ब्यूरो ऑफ कांसुलर अफेयर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आधिकारिक पोस्ट के जरिए साझा की है। विभाग ने कहा है कि इन देशों में सुरक्षा हालात बेहद खराब हैं और अमेरिकी नागरिकों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है।
Trump Travel Advisory: क्या होता है लेवल-4 ट्रैवल एडवाइजरी?
अमेरिकी विदेश विभाग दुनिया के सभी देशों के लिए चार स्तरों में ट्रैवल एडवाइजरी जारी करता है।
- लेवल 1: सामान्य सावधानी बरतने की सलाह
- लेवल 2: अतिरिक्त सतर्कता रखने की चेतावनी
- लेवल 3: यात्रा करने से पहले दोबारा सोचने की सलाह
- लेवल 4: बिल्कुल भी यात्रा न करने की सख्त चेतावनी
विदेश विभाग के अनुसार, लेवल-4 तब लागू किया जाता है जब किसी देश में हालात बेहद खतरनाक हों या वहां अमेरिकी नागरिकों को आपात स्थिति में मदद पहुंचाना लगभग असंभव हो। ऐसे देशों में युद्ध, आतंकवाद, राजनीतिक अस्थिरता, अपहरण, हिंसा और दंगे जैसे गंभीर खतरे मौजूद होते हैं।

US Issues Travel Warning: किन 21 देशों को ‘डू नॉट ट्रैवल’ लिस्ट में रखा गया?
अमेरिका की इस नई ट्रैवल एडवाइजरी में जिन 21 देशों को शामिल किया गया है, उनमें शामिल हैं: अफगानिस्तान, बेलारूस, बुर्किना फासो, म्यांमार, सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक, हैती, ईरान, इराक, लेबनान, लीबिया, माली, नाइजर, उत्तर कोरिया, रूस, सोमालिया, दक्षिण सूडान, सूडान, सीरिया, यूक्रेन, वेनेजुएला और यमन। विदेश विभाग का कहना है कि इन देशों में सुरक्षा व्यवस्था बहुत कमजोर है और अमेरिकी नागरिकों के लिए वहां यात्रा करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।’

US Foreign Travel Advisory: क्या अमेरिका किसी भी देश को इस लिस्ट में डाल सकता है?
अमेरिकी कानून के तहत विदेश विभाग को यह अधिकार है कि वह किसी भी देश की ट्रैवल रेटिंग तय कर सकता है। यह फैसला वहां के सुरक्षा हालात, राजनीतिक स्थिति, हिंसा के स्तर और अमेरिकी दूतावास की कांसुलर सहायता क्षमता को ध्यान में रखकर लिया जाता है। अगर किसी देश में हालात अचानक बिगड़ते हैं, तो उसे तुरंत लेवल-4 में डाला जा सकता है। वहीं, स्थिति सुधरने पर उस देश को इस सूची से हटाया भी जा सकता है।
भारत और पाकिस्तान को लेकर क्या कहा गया?
इस नई ट्रैवल एडवाइजरी में भारत और पाकिस्तान का नाम शामिल नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि अमेरिका ने फिलहाल इन दोनों देशों को लेकर कोई गंभीर ट्रैवल चेतावनी जारी नहीं की है।
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