Union Budget 2026-27: हर साल देशभर में केंद्रीय बजट का बड़ी उत्सुकता से इंतजार किया जाता है। यह बजट केवल सरकार के आय और व्यय का लेखा-जोखा नहीं होता, बल्कि यह सरकार की नीतियों, प्राथमिकताओं और भविष्य के विकास की दिशा को भी दर्शाता है। इसी संदर्भ में रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत Union Budget 2026–27 पर देश में विभिन्न राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक समूहों में चर्चा हो रही है।
Union Budget 2026-27: एक दीर्घकालिक और विकासोन्मुख बजट: डॉ. राजेश्वर सिंह
सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि Union Budget 2026–27 सिर्फ मौजूदा जरूरतों का समाधान नहीं है, बल्कि यह भारत की अर्थव्यवस्था को आने वाले दशक में सशक्त और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए एक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। यह बजट संख्याओं पर आधारित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप है, जो देश को वैश्विक मंच पर और भी मजबूती प्रदान करेगा।
Uttar Pradesh News: दीर्घकालिक सोच पर आधारित बजट
डॉ. राजेश्वर सिंह ने आगे कहा कि सरकार ने इस बजट में तात्कालिक लोकलुभावन फैसलों से बचते हुए दीर्घकालिक सोच को प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि यह बजट इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, तकनीकी विकास, युवाओं की क्षमता निर्माण और हरित विकास जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है। इसके जरिए भारत के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
बजट के प्रमुख बिंदु
डॉ. सिंह ने बजट के कुछ प्रमुख बिंदुओं पर भी प्रकाश डाला, जो भारत की आर्थिक प्रगति और विकास में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस बजट का उद्देश्य वित्तीय अनुशासन, विकास और सामाजिक–आर्थिक संतुलन को एक साथ जोड़कर भारत को वैश्विक स्तर पर और ज्यादा मजबूत बनाना है।
1. रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय (Capex): विकास और रोजगार का मजबूत आधार
Union Budget 2026–27 में ₹12.2 लाख करोड़ का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित किया गया है, जो GDP का लगभग 4.4% है और अब तक का सर्वोच्च स्तर है। यह बढ़ा हुआ Capex इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्माण, परिवहन और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करेगा, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों में तेज़ी आएगी।
2. विकास के साथ वित्तीय अनुशासन का संतुलन
लगभग 4.3% के Fiscal Deficit लक्ष्य के साथ सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि तेज़ विकास के साथ वित्तीय अनुशासन भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। यह संतुलन भारत की macro-economic stability, निवेशकों के विश्वास और दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती को सुनिश्चित करता है।
3. उत्तर प्रदेश को सीधा लाभ: कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स में नई छलांग
7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में उत्तर प्रदेश की भागीदारी, लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी पर बढ़ा हुआ Capex तथा केंद्रीय कर-हिस्सेदारी के रूप में अनुमानित ₹2.8 लाख करोड़ की प्राप्ति—ये सभी पहलें उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख growth engine और employment hub के रूप में स्थापित करने में सहायक होंगी।
4. युवा, MSME और टेक्नोलॉजी पर फोकस
Semiconductor Mission 2.0 के लिए ₹40,000 करोड़ का प्रावधान, MSME सेक्टर को सशक्त करने की योजनाएँ और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को बढ़ावा—ये कदम युवाओं के लिए high-skill jobs, innovation और entrepreneurship के नए द्वार खोलेंगे।
5. ग्रीन ग्रोथ और डिजिटल शिक्षा की दिशा में ठोस पहल
नवीकरणीय ऊर्जा, sustainable infrastructure और climate-aligned finance के साथ-साथ डिजिटल शिक्षा और AI-आधारित प्लेटफॉर्म पर ज़ोर यह दर्शाता है कि भारत का विकास पर्यावरण संरक्षण और तकनीकी प्रगति के साथ कदमताल करते हुए आगे बढ़ेगा।
अंत में डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा, “Union Budget 2026–27 तात्कालिक राहत देने वाला बजट नहीं, बल्कि आने वाले दशक की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव रखने वाला दस्तावेज़ है। यह बजट उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में और अधिक मजबूती से जोड़ते हुए समावेशी, टिकाऊ और रोजगार-उन्मुख भारत के निर्माण का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है।”
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