जुड़े नए 6 नाम
बता दें, नए मंत्रिमंडल में जिन 6 ने नाम जुड़े हैं उनमें से दो को कैबिनेट मंत्री, दो को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और चार को राज्य मंत्री के तौर पर शपथ दिलाई गई.
इनमें भूपेंद्र सिंह चौधरी और मनोज कुमार पांडे ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है. वहीं राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में दो विधायकों अजीत सिंह पाल और सोमेंद्र तोमर ने शपथ ली. अजीत सिंह पाल और सोमेंद्र तोमर पहले से मंत्रिमंडल में शामिल थे. अब उन्हें स्वतंत्र प्रभार दिया गया है.
जानकारी के लिए बता दें, अजीत सिंह पाल कानपुर देहात की सिकंदरा सीट से विधायक हैं. वहीं, सोमेंद्र तोमर मेरठ दक्षिण से विधायक हैं. कृष्णा पासवान, कैलाश सिंह राजपूत, सुरेंद्र दिलेर और हंसराज विश्वकर्मा ने राज्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.
इनमें कृष्णा पासवान इकलौती महिला हैं. पासी समुदाय से आने वालीं कृष्णा पासवान फ़तेहपुर की खागा सीट से विधायक हैं. इसी के साथ कन्नोज के तिर्वा से कैलाश सिंह राजपूत विधायक हैं. वहीँ अलीगढ़ की खैर सीट से सुरेंद्र दिलेर विधायक हैं. इनमें हंसराज विश्वकर्मा विधान परिषद के सदस्य हैं और वाराणसी बीजेपी के ज़िला अध्यक्ष भी हैं.
अखिलेश कसा तंज
इस मौके पर अखिलेश यादव का भी तंज भरा बयान आया है. उन्होंने कहा – आख़िरी 9 महीनों में मंत्री क्या कर लेंगे जब 9 साल तक सरकार ने कुछ नहीं किया.’
इस पर उन्होंने एक सोशल मीडिया पर एक लम्बा चौड़ा पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने लिखा है, “यूपी के मंत्रिमंडल में केवल 6 रिक्तियाँ हैं, इससे ज़्यादा तो दूसरे दल से पाला बदल कर आए लोग हैं, क्या उन सभी को मंत्री पद से नवाज़ा जाएगा? क्या उनमें से सबसे कमज़ोर को चुना जाएगा जिससे कि उसकी कमज़ोरी कुछ कम हो जाए?” इस पोस्ट में अखिलेश ने कई सवाल दागे हैं.
बता दें, राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने जा रहा है. ऐसे में भाजपा सरकार में शामिल किए ये नाम इसे चुनाव के नजरिए से देखा जा रहा है. इसमें कोशिश की गई है.


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