उत्तराखंड: चमोली में निर्माणाधीन पुल के गिरने पर सख्त कार्रवाई, तीन अभियंता निलंबित

Summary :

ठेकेदार के खिलाफ भी आपराधिक मुकदमा दर्ज किया

प्राणमती नदी पर दो करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से बन रहा 60 मीटर स्पैन वाला मॉड्यूलर बैली ब्रिज 4 जून को अचानक टूटकर गिर गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पांडे ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश जारी किया।

उत्तराखंड के चमोली जनपद के थराली विकासखंड अंतर्गत दुंगी-रतगांव मोटर मार्ग पर निर्माणाधीन पुल के अचानक गिर जाने की घटना पर शासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्राणमती नदी पर दो करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से बन रहा 60 मीटर स्पैन वाला मॉड्यूलर बैली ब्रिज 4 जून को अचानक टूटकर गिर गया। घटना के बाद राज्य सरकार ने तीन अभियंताओं को निलंबित कर दिया है और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पांडे ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश जारी किया। निलंबित अधिकारियों में थराली निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता दिनेश मोहन गुप्ता, प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग कर्णप्रयाग के अधिशासी अभियंता नवीन लाल वर्मा तथा सहायक अभियंता आकाश हुडिया शामिल हैं। प्रथम दृष्टया इन सभी को इस घटना का जिम्मेदार माना गया है।

निर्माणाधीन पुल के गिरने पर सख्त कार्रवाईCM धामी की मौजूदगी में सामाजिक विकास के लिए तीन अहम समझौते

इस पूरे घटनाक्रम में राज्य सरकार की त्वरित और सख्त कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शासन का यह संदेश सभी निर्माण एजेंसियों और अधिकारियों के लिए एक कड़ा संकेत है कि उत्तराखंड में विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।

इसके साथ ही, चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी के निर्देश पर पुल निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार के खिलाफ भी आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया। साथ ही, संबंधित अधिकारियों को ‘कारण बताओ नोटिस’ भी जारी किए गए हैं।

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