Vishnu Deo Sai budget 2026: रायपुर। विष्णु देव सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत कर ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ के लक्ष्य की दिशा में ठोस आधार तैयार किया है। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा पेश इस बजट में समावेशी विकास, अधोसंरचना विस्तार, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन, किसानों के हित संरक्षण और औद्योगिक निवेश को केंद्र में रखा गया है । सरकार ने 2030 के मध्यकालिक लक्ष्य तय करते हुए स्पष्ट किया है कि विकास का लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा।
Bastar development budget: बस्तर–सरगुजा पर विशेष फोकस
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए बड़े वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। बस्तर और सरगुजा में एजुकेशन सिटी की स्थापना हेतु 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इंद्रावती परियोजना के अंतर्गत 2,024 करोड़ रुपए की लागत से बैराज और 68 किलोमीटर लंबी नहर का निर्माण होगा, जिससे लगभग 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। बस्तर और सरगुजा ओलंपिक के लिए 5-5 करोड़ रुपए का प्रावधान कर युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया गया है। इन क्षेत्रों में बैंक शाखाएं, मोबाइल टावर और बस सेवाओं के विस्तार के लिए भी अलग से बजट रखा गया है।
Vishnu Deo Sai budget 2026: सड़क और अधोसंरचना विस्तार
लोक निर्माण विभाग के लिए इस वर्ष लगभग 9,450 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। अनेक सड़कों के निर्माण और उन्नयन के लिए 7 करोड़ से 28 करोड़ रुपए तक की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। 206 दूरस्थ गांवों को मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रारंभिक प्रावधान किया गया है। राजधानी रायपुर में फ्लाईओवर, सड़क चौड़ीकरण और अंडरग्राउंड बिजली लाइन के लिए 100 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। नए औद्योगिक और आर्थिक केंद्रों को जोड़ने के लिए दो-लेन सड़कों के उन्नयन हेतु 200 करोड़ रुपए का प्रारंभिक प्रावधान रखा गया है।
Chhattisgarh Budget 2026-27: महिला एवं बाल विकास
महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 70 लाख से अधिक महिलाओं को 14 हजार करोड़ रुपए की राशि वितरित की जा चुकी है, जबकि वर्ष 2026-27 में 8,200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। लखपति दीदी योजना से लगभग 5 लाख महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं। आंगनबाड़ी संचालन के लिए 800 करोड़, पूरक पोषण आहार हेतु 650 करोड़ और पोषण अभियान के लिए 235 करोड़ रुपए का प्रावधान है। 250 नए महतारी सदन निर्माण हेतु 75 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। रानी दुर्गावती योजना के अंतर्गत 18 वर्ष पूर्ण करने वाली बालिकाओं को 1.5 लाख रुपए की सहायता देने के लिए 15 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक निवेश
आयुष्मान योजना के लिए 1,500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिससे पात्र परिवारों को 5 लाख रुपए तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा मिलेगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 2,000 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। दंतेवाड़ा, जशपुर और मनेंद्रगढ़ में नए मेडिकल कॉलेजों के संचालन हेतु 50 करोड़ रुपए रखे गए हैं। जिला अस्पतालों के उन्नयन, 200-बेड अस्पतालों की स्थापना और स्वास्थ्य अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण के लिए भी अतिरिक्त बजट स्वीकृत है। खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला के लिए 25 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
किसानों और सहकारिता पर जोर
किसानों को ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने हेतु 300 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सहकारी समितियों को सशक्त बनाने और 50 नए गोदाम निर्माण के लिए 150 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। जल संसाधन विभाग के पूंजीगत प्रावधान में ऐतिहासिक वृद्धि करते हुए 3,500 करोड़ रुपए रखे गए हैं। विभिन्न बैराज और सिंचाई परियोजनाओं के लिए 400 करोड़, 110 करोड़ और 100 करोड़ रुपए तक के अलग-अलग प्रावधान शामिल हैं।
ऊर्जा और उपभोक्ता राहत
घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत देने के लिए 800 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जबकि बीपीएल उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली देने हेतु 354 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। 33/11 केवी के 90 नए उपकेंद्रों की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपए रखे गए हैं। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत राज्य अंशदान के रूप में 400 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
Vishnu Deo Sai budget 2026: उद्योग और निवेश को बढ़ावा
उद्योग विभाग का बजट बढ़ाकर 1,750 करोड़ रुपए कर दिया गया है। नई औद्योगिक इकाइयों को अनुदान और सब्सिडी देने के लिए 750 करोड़ रुपए का प्रावधान है। 23 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना हेतु 250 करोड़ रुपए रखे गए हैं। भूमि बैंक निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। राज्य में पिछले वर्ष 8 हजार करोड़ रुपए से अधिक निवेश प्रस्तावों से 15 हजार से अधिक रोजगार अवसर सृजित हुए हैं। कुल मिलाकर विष्णु देव सरकार का यह बजट क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक न्याय और आर्थिक प्रगति को साथ लेकर चलने वाला व्यापक दस्तावेज है, जो छत्तीसगढ़ को 2047 तक विकसित राज्य बनाने की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है।
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