Dow Hill Forest Mystery: पश्चिम बंगाल का कुर्सियांग अपने खूबसूरत चाय के बागानों, ठंडी हवाओं और पहाड़ों के लिए जाना जाता है, लेकिन इसी कुर्सियांग में एक ऐसी जगह भी है, जिसे भारत की सबसे डरावनी और रहस्यमयी जगहों में से एक माना जाता है। जहां आज भी लोग जानें से बहुत ज्यादा डरते हैं, जिसका नाम डाऊ हिल है। अगर आपको भी इसकी रहस्यमयी कहानियों के बारे में जानना है, तो आज हम आपको यहां मौजूद डेथ रोड, जंगल और डरावना स्कूल के बारे में बताएंगे, जिसे सुनते ही आपकी आंखें खुली की खुली रह जाएंगी।
यहां जानें डाऊ हिल की रहस्यमयी कहानी
Dow Hill Kurseong: डाऊ हिल का रहस्यमयी जंगल

कुर्सियांग का डाऊ हिल जंगल दिन में जितना ज्यादा खूबसूरत और शांत दिखता है, शाम ढलते ही उतना ही ज्यादा डरावना हो जाता है। यहां रहने वाले लोगों का मानना है कि उन्होंने इस जंगल में कई बार एक छोटे बच्चे को घूमते हुए देखा है, जिसकी गर्दन कटी हुई होती है। कई बार वो बच्चा अचानक पेड़ों के बीच से गायब हो जाता है। जंगल में जानें वाले लोगों का कहना है कि उन्होंने पेड़ों के पीछे से किसी के फुसफुसाने और रोने की आवाज सुनाई देती है। लोग कहते हैं इस जंगल में अजीब सी एनर्जी है, जो लोग जंगल में बहुत अंदर चले जाते हैं, वो अपना मानसिक संतुलन खो देते हैं।
Dow Hill Death Road: मौत की सड़क

इस रास्ते से जुड़ी कई खौफनाक कहानियां फेमस हैं। यहां से आने-जाने वाले लोगों का कहना है कि जब वो लोग इस रोड से गुजरते हैं, तो उन्हें ऐसा महसूस होता है। जैसे कोई उनका पीछा कर रहा हो। कई लोगों का ये भी मानना है कि उन्होंने रात के समय इस सड़क पर एक काली परछाई को चलते हुए देखा है, जो अचानक हवा से गायब हो जाती है। यहां के लोग रात के समय इस सड़क पर जानें से साफ़ मना करते हैं।
Victoria Boys High School Ghost: विक्टोरिया बॉयज़ स्कूल का खौफनाक बातें

डाऊ हिल के पास 100 साल से भी ज्यादा पुराना एक स्कूल है। जिसका नाम विक्टोरिया बॉयज़ स्कूल है। सर्दियों की छुट्टियों के समय जब यह स्कूल पूरी तरह बंद हो जाता है, तब भी इसके अंदर बच्चों के दौड़ने, चिल्लाने और चलने की डरावनी आवाजें आती हैं। यहां रहने वाले लोगों का मानना है कि इस स्कूल की इमारत और आस-पास का माहौल बहुत रहस्यमयी है।
यहां जानें वाले लोगों के लिए जरूरी बातें
अगर आप कुर्सियांग घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो दिन के समय डाऊ हिल की नेचुरल सुंदरता का मजा ले सकते हैं, लेकिन शाम या रात होने के बाद यहां अकेले जंगल की तरफ या डेथ रोड पर बिल्कुल भी नहीं जाना चाहिए।
इस लेख में दी गई जानकारी कहानियों और मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।



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