लखनऊ के काशीश्वर महादेव मंदिर का अनोखा रहस्य, जहां खुद बढ़ता है शिवलिंग का आकार! जानें दर्शन का समय

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लखनऊ में स्थित काशीश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव के भक्तों के लिए एक अत्यंत पवित्र और चमत्कारी जगह है। मोहनलालगंज में, लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर स्थित यह मंदिर अपनी ऐतिहासिक भव्यता और चमत्कारी मान्यताओं के लिए जाना जाता है। इस मंदिर की स्थापना 1860 में सिसेंडी के राजा काशी प्रसाद ने की थी और यह लखनवी नवाबी तथा पारंपरिक हिंदू कला का अद्भुत संगम है। यहां स्थापित लगभग 4 फीट ऊँचे शिवलिंग में ही पूरा शिव परिवार विराजमान माना जाता है।

Kashishwar Mahadev Mandir: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित काशीश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव के भक्तों के लिए बहुत ज्यादा पवित्र और चमत्कारी स्थान माना जाता है। सावन के समय यहां भक्तों की भारी संख्या में भीड़ देखने को मिलती है। इस दौरान भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग के दर्शन और पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यहां स्थापित लगभग 4 फीट ऊंचे शिवलिंग में ही पूरा शिव परिवार विराजमान माना जाता है। अगर आप भी इस मंदिर में दर्शन करने का प्लान बना रहे हैं, तो उससे पहले इसके इतिहास, आरती का समय, मंदिर का स्थान सबसे बारे में जरूर जान लें।

काशीश्वर महादेव मंदिर जानें से पहले जान लें ये बातें

 Kashishwar Mahadev Temple location
Kashishwar Mahadev Temple location (Source: Social Media)

Kashishwar Mahadev Temple location: मंदिर की लोकेशन

काशीश्वर महादेव मंदिर उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले के मोहनलालगंज में स्थित है। ये लखनऊ शहर के लखनऊ प्रयागराज हाईवे पर पड़ता है। मोहनलालगंज चौराहे और तहसील का कार्यालय के पास होने की वजह से इस ऐतिहासिक मंदिर तक पहुंचना बहुत आसान है।

Kashishwar Mahadev Mandir History: काशीश्वर महादेव मंदिर का इतिहास

इस मंदिर को 1860 में सिसेंडी के राजा काशी प्रसाद ने बनवाया था। यह मंदिर लखनवी नवाबी और पारंपरिक हिंदू कला का एक खूबसूरत जगह है। इसके प्रांगण में मंदिर के अलावा छोटे-छोटे 8 शिवालय भी बने हुए हैं। आज यह एक बेहद खूबसूरत और ऐतिहासिक मंदिर बन गया है, जिसे देखने के लिए लोग देश-विदेश से आते हैं।

Kashishwar Mahadev Temple Shivling: शिवलिंग का रहस्य और मान्यता

इस मंदिर से जुड़ी कई चमत्कारी मान्यता है। इस मंदिर के आस-पास रहने वाले लोगों का मानना है कि यहां स्थापित शिवलिंग का आकार समय के साथ खुद से बढ़ता रहता है। इसी वजह से इसे बहुत ज्यादा चमत्कारी माना जाता है। कहा जाता है कि राजा काशी प्रसाद को यह शिवलिंग कठिन तपस्ता और सपने में आने के बाद मिला था। जब इस मंदिर की स्थापना की जा रही थी, तब कोई भी इसे हिला नहीं पा रहा था, लास्ट में राजा ने खुद प्रार्थना करके इसे स्थापित किया। भक्तों का मानना है कि यहां सच्चे मन से जलाभिषेक करने पर वाराणसी में दर्शन करने जितना फल मिलता है।

 Kashishwar Mahadev Temple route
Kashishwar Mahadev Temple route (Source: Social Media)

Kashishwar Mahadev Temple Darshan Timings: काशीश्वर महादेव मंदिर खुलने का समय

यह मंदिर भक्तों के दर्शन और पूजा-पाठ के लिए हर दिन सुबह से शाम तक खुला रहता है। सुबह 06 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 4 बजे से 8:30 तक ये मंदिर खुलता है। सावन के महीने, महाशिवरात्रि और सभी सोमवार को मंदिर के कपाट सुबह 4 बजे ही खोल दिए जाते हैं और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए दोपहर को भी दर्शन मिल जाते हैं।

Kashishwar Mahadev Temple Aarti Timings: मंदिर में आरती का समय

भगवान काशीश्वर महादेव मंदिर में सुबह 6:30 बजे और शाम को 07 बजे आरती होती है। इस आरती में शामिल होने के लिए पूरे शहर से लोग आते हैं। आरती के समय मंदिर में शंख और घंटी की आवाज सुनकर आपको काफी सुकून मिलता है।

Kashishwar Mahadev Temple Route: काशीश्वर महादेव मंदिर पहुंचने का रास्ता

 Kashishwar Mahadev Temple Shivling
Kashishwar Mahadev Temple Shivling (Source: Social Media)
  • सड़क का रास्ता – लखनऊ के चारबाग, आलमबाग या पीजीआई से मोहनलालगंज के लिए ऑटो, सिटी बसें, और टैक्सी आसानी से मिल जाती है।
  • ट्रेन का रास्ता – इसका सबसे पास वाला रेलवे स्टेशन लखनऊ जंक्शन (चारबाग) है , जो यहां से 22-25 किलोमीटर दूर है। इसके अलावा लोकल ट्रेन मोहनलालगंज रेलवे स्टेशन भी सिर्फ 1 से 2 किलोमीटर दूर है।
  • फ्लाइट से जानें का रास्ता – इसका सबसे पास वाला हवाई अड्डा चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जहां से मंदिर की दूरी लगभग 20 किलोमीटर है। हवाई अड्डे से सीधे टैक्सी के जरिए मोहनलालगंज पहुंचा जा सकता है।

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।