Kanwariya ke Niyam Kya Hai: 30 जुलाई से शुरू हो रही है कांवड़ यात्रा, यात्रा पर निकलने से पहले जरूर जान लें ये जरूरी नियम

Summary :

30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा के समय भक्तों को कुछ जरूरी नियमों का पालन करना होता है, ताकि उन्हें यात्रा का पूरा फल मिल सके। कांवड़ उठाने से पहले और यात्रा के समय ध्यान रखने लायक जरूरी बातें जैसे- कांवड़ को जमीन पर न रखना। कांवड़ को कभी भी सीधे जमीन पर नहीं रखना चाहिए। आराम करते समय इसे किसी पेड़ की डाल या ऊंचाई पर टांग देना चाहिए।

30 जुलाई से कांवड़ यात्रा की शुरुआत होने वाली है। इस समय लोग देश-विदेश से कांवड़ लेकर भगवान शिव के मंदिर जाते हैं और कांवड़ में गंगाजल भरकर शिव जी पर जल अर्पित करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर आप भी कांवड़ यात्रा लेकर जा रहे हैं, तो आपको कुछ जरूरी नियम का पालन जरूर करना चाहिए। वरना आपको यात्रा और पूजा का फल नहीं प्राप्त होता है, इसलिए आज हम आपको बताएंगे, कांवड़ उठाने से पहले और उसके बाद आपको किन-किन नियमों का पालन करना चाहिए।

कांवड़ यात्रा पर जानें से पहले इन बातों का रखें ध्यान

 Kanwariya yatra niyam
Kanwariya yatra niyam (Source: Social Media)
  • कांवड़ यात्रा का सबसे पहला नियम यही होता है कि कांवड़ को कभी भी जमीन पर नहीं रखना चाहिए। अगर कांवड़ियों को आराम करना हो, तो कांवड़ को पेड़ की डाल या किसी जगह टांग देना चाहिए। किसी भी वजह से कांवड़ जमीन पर छू जाने से कांवड़ को अशुद्ध माना जाता है और जल फिर से भरना पड़ता है।
  • यात्रा के समय हमेशा सात्विकता और सादे भोजन का ही सेवन करना चाहिए। किसी भी तरह के नशे जैसे शराब, सिगरेट या तंबाकू का सेवन आपकी कांवड़ यात्रा भंग कर सकता है। खाने में लहसुन, प्याज, मछली आदि का सेवन बिल्कुल भी न करें।
  • कांवड़ यात्रा के समय चमड़े की चीज़ें जैसे बेल्ट, पर्स, जूते या चप्पलों का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। बहुत से कावड़िए ऐसे होते हैं, जो इस यात्रा में नंगे पैर ही जाते हैं
  • यात्रा के समय शरीर और मन की पवित्रता बनी रहनी चाहिए। बिना स्नान किए कांवड़ को नहीं छूना चाहिए। इसके अलावा यात्रा के समय तेल, साबुन आदि का इस्तेमाल करने से मना किया जाता है।
  • कावड़ियों को यात्रा के समय किसी पर भी गुस्सा करने से बचना चाहिए और किसी भी व्यक्ति को अपशब्द बोलने से बचना चाहिए। पूरी यात्रा के दौरान “बोल बम” या “ओम नमः शिवाय” का जाप करते रहना चाहिए।

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।