Sawan me Jyotirling Darshan: सावन में करें भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, हर पाप से मिलेगी मुक्ति और मन को शांति

Summary :

हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। इस दौरान भक्त विधि-विधान से शिवजी की पूजा करते हैं और भारत के अलग-अलग शिव मंदिरों, विशेषकर 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए जाते हैं। माना जाता है कि सावन में शिवजी के दर्शन का महत्व कई गुना बढ़ जाता है, क्योंकि इस महीने में भगवान शिव माता पार्वती के साथ पृथ्वी पर निवास करते हैं।

हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव जी को समर्पित होता है। इस महीने में लोग पूरे विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा अर्चना करते हैं। कई लोग ऐसे भी होते हैं, जो इस समय भारत के अलग-अलग शिव मंदिरों के दर्शन करने के लिए जाते हैं। माना जाता है कि भगवान शिव की पूजा करने से सभी दुख और पाप खत्म हो जाते हैं। वैसे तो शिवजी के दर्शन हर दिन फलदायी माने जाते हैं, लेकिन सावन के महीने में 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं, सावन में आप कहां-कहां दर्शन कर सकते हैं।

सावन में ज्योतिर्लिंग दर्शन का महत्व

 sawan me jyotirling yatra
sawan me jyotirling yatra (Source: Social Media)
  • माना जाता है कि सावन के महीने में भगवान शिव माता पार्वती के साथ पृथ्वी पर निवास करते हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
  • सावन के समय ज्योतिर्लिंग के दर्शन या उनका नाम जपने से इंसान के जीवनभर के पाप धुल जाते हैं।
  • इन पवित्र स्थानों पर दर्शन करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में अच्छी ऊर्जा आती है।

ये हैं भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग

 Sawan me Ghumne ke liye Jyotirling
Sawan me Ghumne ke liye Jyotirling (Source: Social Media)
  1. सोमनाथ गुजरात – सौराष्ट्र में स्थित यह भारत का पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है।
  2. मल्लिकार्जुन आंध्र प्रदेश – श्रीशैलम पर्वत पर स्थित इसे ‘दक्षिण का कैलाश’ भी कहते हैं।
  3. महाकालेश्वर मध्य प्रदेश – उज्जैन में स्थित यह एकमात्र दक्षिण-मुखी ज्योतिर्लिंग है, जहां भस्म आरती प्रसिद्ध है।
  4. ओंकारेश्वर मध्य प्रदेश – नर्मदा नदी के मांधाता द्वीप पर स्थित, जहां ॐ कार की आकृति बनती है।
  5. केदारनाथ उत्तराखंड – हिमालय की गोद में स्थित, चार धाम यात्रा और केदारनाथ धाम का प्रमुख हिस्सा।
  6. भीमाशंकर महाराष्ट्र – पुणे के पास सह्याद्री पर्वत पर स्थित, जहां से भीमा नदी का उद्गम होता है।
  7. काशी विश्वनाथ उत्तर प्रदेश – वाराणसी (काशी) की पवित्र नगरी में गंगा के तट पर स्थित।
  8. त्र्यंबकेश्वर महाराष्ट्र – नासिक में गोदावरी नदी के तट पर स्थित है।
  9. वैद्यनाथ झारखंड – देवघर में स्थित इस ज्योतिर्लिंग को ‘बैद्यनाथ धाम’ भी कहा जाता है।
  10. नागेश्वर गुजरात – द्वारका के समीप स्थित, इसे नागों के देवता का मंदिर भी माना जाता है।
  11. रामेश्वरम तमिलनाडु – राम सेतु के पास स्थित, यह दक्षिण भारत का अत्यंत पवित्र धाम है।
  12. घृष्णेश्वर महाराष्ट्र – एलोरा की गुफाओं के पास स्थित, इसे शिवजी का अंतिम ज्योतिर्लिंग माना जाता है।

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।