CM Yogi on NEET Paper Leak: देशभर में NEET पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ आंदोलन की गूंज अब कई राज्यों में सुनने को मिल रही है। इस बीच अब इस मामले को लेकर सीएम योगी का भी बयान सामने आया है। दरअसल, उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए CM योगी ने नकल माफियाओं और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी और ऐसे माफिया किसी भी हाल में बच नहीं पाएंगे।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, CM योगी ने आगे कहा कि राज्य और देश में नकल माफियाओं के लिए अब कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग छात्रों के भविष्य के साथ खेलते हैं, उन्हें कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने दोहराया कि ऐसे माफियाओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें मिट्टी में मिलाने का काम किया जाएगा।
सपा और कांग्रेस पर साधा निशाना
इस दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो दल आज छात्रों के पक्ष में बोल रहे हैं, वही पहले युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय करते रहे हैं। उनके अनुसार, जिन लोगों ने सालों तक छात्रों और युवाओं का शोषण किया, वही अब सहानुभूति दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि नकल माफियाओं को बढ़ावा देने का काम पहले की सरकारों में हुआ। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने ऐसे गिरोहों को संरक्षण दिया, जिसकी वजह से भर्ती परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए।
प्रधानमंत्री के फैसले की तारीफ
CM योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक और नकल के मामलों पर सख्त रुख अपनाने की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए लगातार बड़े फैसले ले रही है। उन्होंने बताया कि हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट ने ऐसे लोगों के खिलाफ कड़े कानून को मंजूरी दी है, जो परीक्षा में गड़बड़ी या पेपर लीक जैसी घटनाओं में शामिल होंगे।
CM ने कहा कि इस कानून में दोषियों के लिए कम से कम 10 साल की जेल और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक संसद में पेश किया जाएगा और इसके लागू होने के बाद ऐसे अपराधों पर और सख्ती से रोक लगेगी।
भर्ती प्रक्रिया पर भी बोले CM योगी
इस दौरान CM योगी ने सरकारी नौकरियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि साल 2012 से 2017 के बीच निकली कई भर्तियां विवादों में रहीं। उनका दावा था कि उस समय योग्य उम्मीदवारों को न्याय नहीं मिला और भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी। उन्होंने कहा कि साल 2017 के बाद हालात बदले और भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष तथा पारदर्शी बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले सवा 9 सालों में उत्तर प्रदेश में 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य योग्यता के आधार पर रोजगार देना और युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना है।
CM योगी ने आगे कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि एग्जाम सिस्टम में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही युवाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी मेहनत और प्रतिभा के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि हर भर्ती और परीक्षा निष्पक्ष तरीके से हो, ताकि योग्य उम्मीदवारों को उनका अधिकार मिल सके।



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