डीसीपी विनीत कुमार और उनके ऑपरेटर की बहादुरी से बची एसीपी विवेक भगत की जान, जाने क्या है मामला ?

Summary :

Delhi Crime News : जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान बुधवार को जब उग्र भीड़ ने एसीपी (कनॉट प्लेस) विवेक भगत को चारों ओर से घेरकर हमला किया, तब डीसीपी (आईएफएसओ) विनीत कुमार और एसीपी राजौरी गार्डन शरत चंद्र निर्मल ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। अगर दोनों राहुल सिवाच के साथ समय रहते मौके पर नहीं पहुंचते, तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती थी। दोनों अधिकारियों ने जान की परवाह किए बिना भीड़ में प्रवेश किया और गंभीर रूप से घायल एसीपी विवेक भगत को कवर देकर सुरक्षित बाहर निकालकर उनकी जान बचाई। हालांकि, हमले में विवेक…

Delhi Crime News : जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान बुधवार को जब उग्र भीड़ ने एसीपी (कनॉट प्लेस) विवेक भगत को चारों ओर से घेरकर हमला किया, तब डीसीपी (आईएफएसओ) विनीत कुमार और एसीपी राजौरी गार्डन शरत चंद्र निर्मल ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। अगर दोनों राहुल सिवाच के साथ समय रहते मौके पर नहीं पहुंचते, तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती थी। दोनों अधिकारियों ने जान की परवाह किए बिना भीड़ में प्रवेश किया और गंभीर रूप से घायल एसीपी विवेक भगत को कवर देकर सुरक्षित बाहर निकालकर उनकी जान बचाई।

हालांकि, हमले में विवेक भगत को गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें बचाने के दौरान डीसीपी विनीत कुमार के ऑपरेटर राहुल सिवाच को सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। अगर दोनों अधिकारी समय रहते मौके पर न पहुंचते, तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती थी।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब डीसीपी विनीत कुमार विवेक भगत को उग्र भीड़ से बचाने के लिए पहुंचे, तो उपद्रवी लगातार उन पर जानलेवा हमला कर रहे थे। तब उनके ऑपरेटर राहुल सिवाच और एसीपी शरत चंद्र निर्मल ने उन्हें तुरंत कवर दिया। शरत का ड्यूटी टाइम शाम सात बजे ही पूरा हो गया था, बावजूद इसके वे हालात को देखते हुए विनीत की टीम के साथ ड्यूटी पर ही मौजूद थे।

इसी बीच बुधवार रात करीब सवा आठ बजे एसीपी विवेक भगत पर उपद्रवियों ने हमला कर दिया। वह भीड़ के बीच फंस चुके थे। अगर डीसीपी विनीत कुमार की टीम को मौके पर पहुंचने में जरा भी देरी होती, तो विवेक भगत की जान पर बात आ सकती थी।

Sumant Chaudhary