Delhi Crime : न्यू उस्मानपुर इलाके में विष्णु अवतार रामलीला कमेटी के चेयरमैन हरीश चौधरी के घर में उनकी पत्नी और मासूम बच्चों को गन प्वाइंट पर बंधक बनाकर डकैती के मामले में दिल्ली पुलिस की घोर लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि जांच अधिकारी की चूक के कारण डकैती के आरोपी अदालत से जमानत पर बाहर आ गए। अब आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि पीड़ित परिवार भय के साये में है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी (नॉर्थ-ईस्ट) राहुल अलवाल ने पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई है। साथ ही मामले के जांच अधिकारी को शो कॉज नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
डीसीपी राहुल अलवाल ने बताया कि पूरे मामले की जांच अब जिला एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (एएटीएस) को सौंप दी गई है। एसीपी ऑपरेशन स्वयं पूरे मामले की क्लोज मॉनिटरिंग कर रहे हैं। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लूटा गया सामान भी बरामद किया जाएगा।
गांव में हुई पंचायत, एडिशनल डीसीपी भी पहुंचे
पीड़ित हरीश चौधरी ने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही और मिलीभगत के कारण डकैती जैसे गंभीर मामले में आरोपियों को एक ही दिन में अदालत से राहत मिल गई। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने हथियारों के बल पर उनके घर में डकैती डाली, वे आज खुलेआम घूम रहे हैं। ऐसे में उन्हें और उनके परिवार की जान को खतरा है।
हरीश चौधरी ने कहा, “अगर पुलिस हमें सुरक्षा नहीं दे सकती और आरोपियों को जेल नहीं भेज सकती, तो ऐसे गुंडों के हाथों मारे जाने से बेहतर है कि मैं शनिवार को पूरे परिवार के साथ पुलिस मुख्यालय के सामने आत्मदाह कर लूं।” शुक्रवार शाम उस्मानपुर गांव में इस घटना को लेकर पंचायत बुलाई गई, जिसमें एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा भी पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच और जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया। पंचायत में मौजूद गांव के जिम्मेदार लोगों ने भी हरीश चौधरी और उनके परिवार को पूरा समर्थन देते हुए कहा कि वे इस मुश्किल घड़ी में उनके साथ खड़े हैं।
सात साल की बच्ची पर भी तानी थी पिस्टल
न्यू उस्मानपुर इलाके में हुई इस सनसनीखेज वारदात में कथित तौर पर दो महिलाओं समेत करीब दस हथियारबंद बदमाशों ने धोखे से हरीश चौधरी के घर में प्रवेश किया था। मुख्य आरोपी मनोज बताया जा रहा है, जो गांव का ही रहने वाला है। बदमाशों ने हरीश की पत्नी, तीनों बेटियों और घर आए एक रिश्तेदार के छोटे बच्चे को गन प्वाइंट पर बंधक बनाकर करीब नौ लाख कैश व लाखों की ज्वेलरी लूट ली। हरीश चौधरी ने बताया कि बदमाशों ने उनकी सात साल की बेटी तक पर रहम नहीं किया और उसके सिर पर भी पिस्टल तान दी थी। इस भयावह घटना के बाद से बच्चे गहरे सदमे और खौफ में हैं। परिवार का कहना है कि आरोपी खुले घूम रहे हैं, जिससे उन्हें हर समय किसी अनहोनी का डर सताता रहता है।



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