देश में 18 वर्ष से 59 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों को रविवार को पहले दिन कोविड-19 टीके की कुल 9,674 एहतियाती खुराक दी गईं और इसी के साथ देशभर में दी गई खुराकों की कुल संख्या बढ़कर 185.74 करोड़ हो गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी। भारत के निजी टीकाकरण केंद्रों पर 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को कोविड-19 रोधी टीके की एहतियाती खुराक देना रविवार को शुरू किया गया। जिन लोगों को दूसरी खुराक लिए नौ महीने पूरे हो गए हैं, वे एहतियाती खुराक ले सकते हैं। मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि 12 से 14 वर्ष की आयु वर्ग के 2.22 करोड़ (2,22,67,519) बच्चों को कोविड-19 टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है।
एहतियाती खुराक के लिए Cowin पर रजिस्टर करने की नहीं होगी जरूरत
केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से शनिवार को कहा था कि जिस टीके की पहली और दूसरी खुराक लगी होगी, एहतियाती खुराक भी उसी टीके की लगाई जाएगी और निजी टीकाकरण केंद्र टीके की कीमत के अलावा सेवा शुल्क के तौर पर 150 रुपये अतिरिक्त ले सकते हैं। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को यह भी सूचित किया गया था कि एहतियाती खुराक के लिए किसी नए पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि सभी लाभार्थी पहले से ही ‘कोविन’ पर पंजीकृत हैं।
सभी टीकाकरण अनिवार्य रूप से ‘कोविन’ मंच पर दर्ज किए जाएंगे और ‘ऑनलाइन पंजीकरण’ और ‘वॉक-इन’ पंजीकरण एवं टीकाकरण के दोनों विकल्प निजी कोविड टीकाकरण केंद्रों (सीवीसी) पर उपलब्ध होंगे। निजी सीवीसी स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार टीकाकरण स्थलों का रखरखाव करेंगे।
टीके की कीमत के अलावा 150 रूपए ले सकते हैं केंद्र
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा था, ‘‘वे (सीवीसी) टीकाकरण के लिए सेवा शुल्क के रूप में टीके की कीमत के अलावा प्रति खुराक अधिकतम 150 रुपये तक शुल्क ले सकते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एहतियाती खुराक के लिए उसी टीके का इस्तेमाल किया जाएगा जो पहली और दूसरी खुराक के टीकाकरण के लिए इस्तेमाल किया गया था।’’ भूषण ने रेखांकित किया था कि स्वास्थ्यकर्मी, अग्रिम मोर्चे के कर्मी और 60 साल एवं उससे अधिक उम्र के नागरिकों के लिए प्रत्येक टीकाकरण केंद्र पर एहतियाती खुराक का टीकाकरण जारी रहेगा, जिसमें सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर मुफ्त टीकाकरण भी शामिल है।
पिछले साल 16 जनवरी से हुई थी टीकाकरण अभियान की शुरुआत
देश भर में टीकाकरण अभियान पिछले साल 16 जनवरी को शुरू किया गया था, जिसमें पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया गया था। अग्रिम मोर्चा के कर्मियों का टीकाकरण पिछले साल दो फरवरी से शुरू हुआ था। कोविड-19 टीकाकरण का अगला चरण पिछले साल एक मार्च को 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और गंभीर बीमारी से ग्रस्त 45 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए शुरू हुआ था।
जानें कब किस आयु वर्ग के लिए टीकाकरण की हुई थी शुरुआत?
भारत ने पिछले साल एक अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के लिए टीकाकरण शुरू किया। इसके बाद सरकार ने पिछले साल एक मई से 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को कोविड रोधी टीकाकरण की अनुमति देकर अपने टीकाकरण अभियान का विस्तार करने का फैसला किया था। टीकाकरण का अगला चरण तीन जनवरी से 15-18 वर्ष के आयु वर्ग के किशोरों के लिए शुरू हुआ। भारत ने 10 जनवरी से स्वास्थ्य कर्मियों, अग्रिम मोर्चा के कर्मियों और 60 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के लोगों को टीकों की एहतियाती खुराक देना शुरू किया। देश ने 16 मार्च से 12-14 वर्ष की आयु के बच्चों का टीकाकरण शुरू किया।


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