सरकार ने शुक्रवार को संसद में बताया कि चालू वित्त वर्ष 2021-22 में छह फरवरी तक के अनंतिम आंकड़ों के अनुसार 6754 करोड़ डिजिटल लेनदेन हुए जबकि उसके पिछले वर्ष में यह संख्या 5554 करोड़ था। सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा को एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2020-21 में 5554 करोड़ और 2019-20 में 4572 करोड़ डिजिटल लेनदेन हुए।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल के दौरान भारत में डिजिटल भुगतान लेनदेन में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। भारत इंटरफेस फॉर मनी- यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (भीम-यूपीआई) जैसे विभिन्न सुविधाजनक डिजिटल भुगतान मोड ने व्यक्ति से व्यक्ति (पी2पी) के साथ साथ व्यक्ति से व्यापारी (पी2एम) भुगतानों में वृद्धि करके डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र को परिवर्तित कर दिया है।
मंत्री ने कहा कि भीम यूपीआई नागरिकों के पसंदीदा भुगतान मोड के रूप में उभरकर सामने आया है और जनवरी 2022 में 8.31 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 461.71 करोड़ डिजिटल भुगतान लेनदेन का रिकॉर्ड हासिल किया है।


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