उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में हार का सामना करने वाली समाजवादी पार्टी को एक और झटका लग सकता है। चुनाव में हर मंच से लगातार अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बंनाने का दावा करने वाले ओम प्रकाश राजभर एक बार फिर से योगी सरकार में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर सपा का साथ छोड़कर एक बार फिर से भाजपा का दामन थाम सकते हैं।
गृहमंत्री अमित शाह से की मुलाकात
राजभर ने शुक्रवार को गृह मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से नई दिल्ली में मुलाकात की। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान उत्तर प्रदेश चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद रहे। हालांकि इस मुलाकात को लेकर फिलहाल दोनों पक्षों ने चुप्पी साध रखी है लेकिन बताया जा रहा है कि इस बैठक में राजभर के फिर से एनडीए गठबंधन में आने को लेकर चर्चा हुई। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में, राजभर ने अखिलेश यादव के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और छह विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी।
वर्ष 2017 में भाजपा के साथ लड़े थे चुनाव
सूत्रों की माने तो भाजपा के साथ आने पर ओम प्रकाश राजभर को एक बार फिर से योगी सरकार में मंत्री के तौर पर शामिल किया जा सकता है। आपको बता दें कि, वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा, भाजपा के साथ मिलकर लड़ी थी। एनडीए के सत्ता में आने के बाद राजभर को योगी सरकार में मंत्री के तौर पर भी शामिल किया गया था लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों दलों के बीच खटास पैदा हो गई। इसी वजह से चुनाव खत्म होते ही योगी आदित्यनाथ ने राजभर को अपने मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था।
भाजपा को हराने का छेड़ा था अभियान
योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल से बर्खास्त होने के बाद राजभर ने प्रदेश में भाजपा को हराने का अभियान छेड़ दिया था और 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले वो अखिलेश यादव के गठबंधन में शामिल हो गए थे लेकिन नतीजा उनके पक्ष में नहीं आया। गठबंधन साथियों के साथ मिलकर 273 विधायकों के प्रचंड बहुमत के साथ योगी आदित्यनाथ दोबारा से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। उससे पहले ही विरोधी सपा गठबंधन में टूट-फूट का दौर शुरू हो गया है।


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