अहमदाबाद : पिछले महीने अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया AI 171 विमान हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जल्द ही सार्वजनिक की जा सकती है। सूत्रों के अनुसार, यह रिपोर्ट दुर्घटना के 30 दिन के भीतर, यानी इस सप्ताह के अंत तक सामने आ सकती है। हादसे में 241 यात्रियों और क्रू समेत 260 लोगों की मौत हुई थी।
संसदीय समिति को दी गई जानकारी
हाल ही में संसद की स्थायी समिति (परिवहन, पर्यटन और संस्कृति) की बैठक में एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) के वरिष्ठ अधिकारियों ने हादसे की जांच की स्थिति पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों ब्लैक बॉक्स सुरक्षित मिले हैं और डेटा विश्लेषण की प्रक्रिया जारी है।
अमेरिका से आई तकनीकी टीम की मदद
AAIB अमेरिकी एजेंसी नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) के विशेषज्ञों की मदद से ब्लैक बॉक्स डेटा और अंतिम एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) संवाद का मिलान कर रही है। इसके लिए जरूरी तकनीकी उपकरण अमेरिका से भारत लाए गए और पूरी सुरक्षा के साथ दिल्ली भेजे गए। इस दुर्घटना की जांच में एक अभूतपूर्व कदम उठाया गया है। विमान के मलबे को अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास एक सुरक्षित स्थान पर लाया गया है, जहां विमान के हिस्सों की आंशिक पुनर्रचना की गई है। इससे शारीरिक क्षति का विश्लेषण और ब्लैक बॉक्स के डेटा का मिलान किया जा रहा है।
पुरानी सिफारिशें लागू नहीं होने पर सवाल
बैठक के दौरान कुछ सांसदों ने यह सवाल भी उठाया कि पहले दिए गए सुरक्षा संबंधी सुझावों को लागू क्यों नहीं किया गया। इसमें खास तौर पर DGCA (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) की भूमिका पर सवाल उठाए गए। बैठक में नागर विमानन मंत्रालय, एयरपोर्ट अथॉरिटी, DGCA, AERA, BCAS और प्रमुख एयरलाइनों जैसे एयर इंडिया और इंडिगो के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक की अध्यक्षता JDU सांसद संजय झा ने की।
PAC बैठक में भी उछला मुद्दा
एक दिन पहले हुई लोक लेखा समिति (PAC) की बैठक में भी विमान सुरक्षा का मुद्दा गरमाया। यह बैठक मूल रूप से हवाई अड्डा शुल्कों पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी, लेकिन AI 171 हादसे के कारण चर्चा का विषय बदल गया। PAC बैठक में एयर इंडिया के CEO कैंपबेल विल्सन ने कहा कि जिस बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान में हादसा हुआ, वह दुनिया के सबसे सुरक्षित विमानों में से एक है। आज दुनिया भर में 1,000 से अधिक ड्रीमलाइनर उड़ान भर रहे हैं।
पूर्व नागर विमानन मंत्री का बयान
PAC सदस्य और पूर्व नागर विमानन मंत्री प्रफुल पटेल ने कहा कि DGCA में अनुभवी अधिकारियों की कमी है और सेवानिवृत्त अफसरों को फिर से सेवा में लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “सुरक्षा सबसे जरूरी है। किसी भी यात्री को सफर करते समय यह भरोसा होना चाहिए कि वह सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचेगा। एयर इंडिया हादसे के बाद कई पहलुओं पर ध्यान गया है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। भारतीय विमानन व्यवस्था मजबूत है और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है।”


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