केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने शुक्रवार को कहा कि राहुल गांधी औसत सदस्य की तुलना में कम बार संसद में उपस्थित होकर खुद को संसद से ज्यादा महत्वपूर्ण पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। ठाकुर ने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि विदेशी धरती पर भारत का ‘‘अपमान’’ करने वाले गांधी को संसद से माफी मांगने से किसने रोका। ठाकुर ने कहा, ‘‘राहुल का मतलब है रिग्रेटफुल, ऑफुल, हेटफुल, अनग्रेटफुल, लायर (खेदजनक, भयानक, घृणित, कृतघ्न, झूठे) हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह यह दिखाना चाहते हैं कि वह संसद से ऊपर और राष्ट्र से ऊपर हैं। क्या एक परिवार देश से बड़ा है?’’ ठाकुर ने कहा कि गांधी को बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।

सदन के नियमों और प्रक्रियाओं से अनजान होगा
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष को संसदीय नियमों और प्रक्रियाओं पर एक पुस्तक भी उपलब्ध कराने की पेशकश की। ठाकुर ने कहा, ‘‘वह भूल जाते हैं कि सदन प्रक्रिया के अनुसार चलता है, लेकिन एक व्यक्ति जिसकी संसद में औसत उपस्थिति सभी सदस्यों की औसत उपस्थिति से कम है, वह सदन के नियमों और प्रक्रियाओं से अनजान होगा।’’ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सत्तारूढ़ भाजपा के निशाने पर हैं। उसने आरोप लगाया है कि राहुल ने यह कहकर विदेशी धरती से देश का अपमान किया है कि अमेरिका और यूरोपीय देश इस बात से बेखबर हैं कि भारत में लोकतांत्रिक मॉडल का एक बड़ा हिस्सा खत्म हो गया है। हाल ही में लंदन में एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि भारतीय लोकतंत्र के ढांचे पर ‘‘बर्बर हमला’’ हो रहा है।
संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत
उन्होंने अफसोस जताया था कि अमेरिका और यूरोप समेत दुनिया के लोकतांत्रिक हिस्से इस पर ध्यान देने में नाकाम रहे हैं। राहुल ने अपने व्याख्यान में यह आरोप भी लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को नष्ट कर रहे हैं। ज्ञात हो कि संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत से ही सत्ता पक्ष के सदस्य लंदन में राहुल गांधी द्वारा भारतीय लोकतंत्र के संबंध में की गई टिप्पणी को लेकर उनसे माफी की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ, कांग्रेस ने कहा है कि राहुल गांधी के माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता है, क्योंकि उन्होंने भारतीय लोकतंत्र के खिलाफ नहीं, बल्कि इसे मजबूत बनाने वाले बयान दिए हैं।


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