Bear Enters Shop in Jammu and Kashmir: जम्मू-कश्मीर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक दुकान में भालू मिलने से हड़कंप मच गया। यह घटना दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकेरनाग इलाके की है। सुबह जब दुकानदार ने दुकान खोली, तो अंदर भालू को देखकर उसके होश उड़ गए। वह तुरंत पीछे हट गया और उसने गांव वालों तथा वन्यजीव विभाग को इसकी सूचना दी। भालू को देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। हालांकि, वन्यजीव विभाग की टीम ने काफी प्रयास के बाद भालू को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर लिया और उसे जंगल में छोड़ दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से कोकेरनाग के गांवों में काले भालुओं की आवाजाही ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी थी। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब एक सप्ताह से भालुओं को गांव और उसके आसपास के इलाकों में लगातार देखा जा रहा था। रात के समय भालू रिहायशी घरों के नजदीक पहुंच जाते थे, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ था। खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण चिंतित थे।
भालुओं के पैरों के निशान ट्रेस कर रही वन विभाग की टीम
ग्रामीणों के मुताबिक, कई बार भालुओं ने पालतू जानवरों पर भी हमला करने की कोशिश की थी। गांव के लोगों ने इस संबंध में कई बार वन्यजीव विभाग से शिकायत की थी। वन विभाग ने भालुओं की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जंगल में पिंजरा लगाया है। इसके साथ ही टीम भालुओं के पैरों के निशानों को ट्रेस कर रही है, ताकि उनकी आवाजाही और उनके आने-जाने के रास्तों का पता लगाया जा सके।
भालू के पिंजरे में पकड़े जाने के बाद वन्यजीव विभाग की टीम ने ट्रैंक्विलाइजर डार्ट की मदद से उसे बेहोश किया। इसके बाद विशेषज्ञों ने सावधानीपूर्वक उसे पिंजरे से बाहर निकाला और उसके स्वास्थ्य की जांच की। वन्यजीव विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, पशु चिकित्सक ने भालू की जांच की, जिसमें उसकी हालत ठीक पाई गई। जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे रिहायशी इलाके से दूर घने जंगल में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। अधिकारी ने स्थानीय लोगों से अपील की कि यदि उन्हें आसपास कोई जंगली जानवर दिखाई दे, तो उसके नजदीक जाने या उसे खुद पकड़ने की कोशिश न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत वन्यजीव विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टीम आवश्यक कार्रवाई कर सके।
भालू के रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
वन विभाग की ओर से भालू का रेस्क्यू किए जाने के बाद गांव के लोगों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से जंगली भालुओं की मौजूदगी के कारण रात में घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था।
भालुओं की आवाजाही से लोग दहशत में थे और उन्हें बच्चों तथा बुजुर्गों की सुरक्षा की चिंता सता रही थी। हालांकि, भालू को सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत महसूस की है।
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