मनीष तिवारी की किताब को लेकर कांग्रेस पर हमलावर हुई BJP, सोनिया से पूछा-क्यों नहीं दी गई अनुमति?

गौरव भाटिया ने कहा, इस तथ्य के बाद आज स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस की जो सरकार थी वो निठल्ली, निकम्मी थी, लेकिन राष्ट्र सुरक्षा जैसे मुद्दे पर भारत की अखंडता की भी उनको चिंता नहीं थी।

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने अपनी किताब के जरिए यूपीए सरकार पर मुंबई हमले को लेकर सवाल खड़े किए है। उन्होंने अपनी किताब ’10 Flash Points, 20 Years’ में लिखा कि मुंबई हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं करके आपने (यूपीए सरकार) अपनी कमजोरी को दर्शाया। मनीष तिवारी की इस किताब के जरिये बीजेपी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला।
बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि मनीष तिवारी जी ने जो बात अपनी पुस्तक में कही, जिसको हम सभी ने मीडिया में देखा है। ये कहना गलत नहीं होगा कि जो तथ्य सामने आए हैं, इसको कांग्रेस की विफलता का कबूलनामा कहना ही उपयुक्त होगा।
उन्होंने कहा कि इस पुस्तक का सारांश है कि संयम शक्ति की निशानी नहीं है, 26/11 के मुंबई हमले के समय संयम कमजोरी माना जा सकता है। भारत को उस समय कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए थी। जब कांग्रेस की विफलताओं  का ये कबूलनामा पढ़ा तो हर भारतीय की तरह हमें भी बड़ी पीड़ा हुई।
यूपीए सरकार पर तीखा वार करते हुए बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, इस तथ्य के बाद आज स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस की जो सरकार थी वो निठल्ली, निकम्मी थी, लेकिन राष्ट्र सुरक्षा जैसे मुद्दे पर भारत की अखंडता की भी उनको चिंता नहीं थी। हर भारतीय ये बात कहता था, बीजेपी भी यही बात कह रही थी। आज कांग्रेस शासन में मंत्री रहे मनीष तिवारी जी ने स्वीकारा है कि उनकी सरकार ने राष्ट्र सुरक्षा को दांव पर लगा दिया था।
क्यों नहीं दी गई हमारी वीर सेना को अनुमति?
सोनिया गांधी से सवाल करते हुए मनीष तिवारी ने कहा कि कांग्रेस की अध्यक्षा सोनिया गांधी जी, राहुल गांधी जी क्या आज अपनी चुप्पी तोड़ेंगे? सोनिया गांधी जी हमारा प्रश्न है कि भारत की वीर सेना को उस समय अनुमति और खुली छूट क्यों नहीं दी गयी? हमारी वीर सेना पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी से अनुमति मांग रही थी कि हम पाकिस्तान को सबक सिखाएंगे। लेकिन सोनिया गांधी जी ऐसा क्यों हुआ कि हमारी वीर सेना को ये अनुमति क्यों नहीं दी गई?
मनीष तिवारी ने UPA सरकार पर खड़े किये सवाल
मनीष तिवारी ने अपनी किताब में लिखा कि मुंबई हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं करके आपने अपनी कमजोरी को दर्शाया। उन्होंने लिखा कि मनमोहन सरकार को पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए थी। एक वक्त आता है, जब कार्रवाई शब्दों से ज्यादा बोलती है। 26/11 वह समय था, जब सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी। इतना ही नहीं अपनी किताब में मनीष तिवारी ने मुंबई हमले की तुलना अमेरिका के 9/11 से करते हुए कहा कि भारत को उस समय अमेरिका की तरह ही जवाबी कार्रवाई करनी चाहिए थी।

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