राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। कांग्रेस ने केंद्र पर इस मामले में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। इस बीच भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि 2019 के चुनावों से पहले विपक्षी दलों ने, खासकर कांग्रेस पार्टी ने जिस प्रकार से एक झूठा माहौल बनाने की चेष्टा राफेल को लेकर किया था वो हम सभी ने देखा था। उनको लगता था कि इससे उनको कोई राजनीतिक फायदा होगा।
आज हम आपके सामने कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज रखने वाले हैं
उन्होंने कहा कि आज हम आपके सामने कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज रखने वाले हैं, ताकि भ्रष्टाचार किसके कालखंड में हुआ ये बताएगा। फ्रांस के एक मीडिया संस्थान ने कुछ वक्त पहले ये खुलासा किया कि राफेल में भ्रष्टाचार हुआ था। संबित पात्रा ने कहा कि राफेल का विषय कमीशन की कहानी थी, बहुत बड़े घोटाले की साजिश थी। ये पूरा मामला 2007 से 2012 के बीच हुआ।
इटली से राहुल गांधी जी जवाब दें
उन्होंने कहा इटली से राहुल गांधी जी जवाब दें – राफेल को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश आपने और आपकी पार्टी ने इतने वर्षों तक क्यों किया? आज ये खुलासा हुआ है कि उन्हीं की सरकार में पार्टी ने 2007 से 2012 के बीच में राफेल में ये कमीशनखोरी हुई है, जिसमें बिचौलिए का नाम भी सामने आया है।
INC का मतलब है ‘I need Commission’
बीजेपी प्रवक्ता ने आगे कहा कि INC का मतलब है ‘I need Commission’। उन्होंने कहा कि यह अतिश्योक्ति नहीं होगी कि यूपीए के कार्यकाल के दौरान, उनके पास हर सौदे के भीतर एक सौदा था और वे अभी तक एक सौदा नहीं कर सके। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि 10 ववर्षों तक भारतीय वायुसेना के पास लड़कू विमान नहीं थे। इतने वर्षों तक सिर्फ समझौता किया गया और सौदे को अटकाए रखा गया। यह समझौता सिर्फ कमीशन के लिए अटकाए रखा गया। ये समझौता विमान के लिए नहीं हो रहा था। बल्कि कमीशन के लिए हो रहा था।
कांग्रेस के कालखंड में ‘एग्रीमेंट ऑफ पर्चेज’ तो हमने देखा नहीं
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस के कालखंड में ‘एग्रीमेंट ऑफ पर्चेज’ तो हमने देखा नहीं, लेकिन एक ‘एग्रीमेंट ऑफ कमीशन’ जरूर हमारे सामने आ गया। यह कमीशन कोई दो से चार फीसदी की नहीं थी। कांग्रेस ने विश्व में कमीशन के रिकॉर्ड को तोड़ है। इस सौदे में 40 फीसदी की दर से कमीशन लिया गया।


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