प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की वार्षिक बैठक को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि सीआईआई की ये बैठक इस बार 75वें स्वतंत्रता दिवस के माहौल में, आजादी के अमृत महोत्सव के बीच हो रही है। ये बहुत बड़ा अवसर है, भारतीय उद्योग जगत के नए संकल्पों के लिए, नए लक्ष्यों के लिए। आत्मनिर्भर भारत अभियान की सफलता का बहुत बड़ा दायित्व, भारतीय उद्योगों पर है।
उन्होंने उद्योग जगत से देश में विनिर्माण को गति देने और ‘ब्रांड इंडिया’ को आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार हमेशा उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था फिर से तेजी से आगे बढ़ रही है और विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार कारोबार सुगमता के लिए सुधारों को तेजी से आगे बढ़ा रही है और महामारी के दौरान भी हमने इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हमने हाल में कंपनी कानून में बदलाव कर कई प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से हटाया… श्रम सुधारों पर ध्यान दिया जा रहा है।
मोदी ने कहा कि हमने संसद के मौजूदा सत्र में… अतीत की गलतियों को सुधारते हुए पूर्व तिथि से कर लगाने के कानून को समाप्त किया। इससे उद्योग के बीच भरोसा बढ़ेगा। भारत में आज प्रतिस्पर्धी कर व्यवस्था है, कारोबार सुगमता में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। सुधारों का ही नतीजा है कि देश में रिकार्ड प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आ रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हम सुधारों को बाध्यता के तहत नहीं बल्कि एक भरोसे और मजबूती के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि देश में आज हर क्षेत्र में आत्मविश्वास बढ़ रहा है। स्टार्टअप देश की पहचान बन रहे हैं और आज देश में 60 ‘यूनिकार्न’ हैं। इनमें से 21 तो पिछले कुछ माह के दौरान ही इस स्तर पर पहुंचे हैं। मोदी ने कहा कि भारत में आर्थिक वृद्धि को गति देने के शानदार अवसर हैं और उद्योग जगत को इसका लाभ उठाना चाहिए।


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