BSF स्थापना दिवस : PM मोदी और अमित शाह ने की बीएसएफ के योगदान व बलिदान की सराहना

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बीएसएफ की स्थापना भारत की सीमाओं की रक्षा और अन्तरराष्ट्रीय अपराध को रोकने के लिए की गई थी। यह बल केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत आता है।

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) आज अपना 57वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस मौके पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अर्धसैनिक बल के वीरता व बलिदान की सराहना की। बीएसएफ की स्थापना 1 दिसंबर, 1965 को भारत-पाक और भारत-चीन युद्धों के बाद केंद्रीय एजेंसी के रूप में किया गया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘स्थापना दिवस पर मैं बीएसएफ परिवार को बधाई देता हूं। साहस और पेशेवराना अंदाज के लिए बीएसएफ का व्यापक सम्मान किया जाता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत की सुरक्षा में बीएसएफ का महत्वपूर्ण योगदान है और वह आपदा व संकट की घड़ी में भी कई मानवीय कार्यों में आगे रहता है।’’


गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट करते हुए लिखा, बीएसएफ पराक्रम, साहस व समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। आज BSF के 57वें स्थापना दिवस पर मैं देश की प्रथम रक्षा पंक्ति के सभी बहादुर प्रहरियों व उनके परिजनों को शुभकामनाएं देता हूं। विषम परिस्थितियों में भी मातृभूमि की रक्षा हेतु आपकी वीरता व बलिदान पर पूरे देश को अभिमान है।


भारत की सीमाओं की रक्षा और अन्तरराष्ट्रीय अपराध को रोकने के लिए BSF की स्थापना 

बीएसएफ की स्थापना भारत की सीमाओं की रक्षा और अन्तरराष्ट्रीय अपराध को रोकने के लिए की गई थी। यह बल केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत आता है। बांग्लादेश की आज़ादी में ‘सीमा सुरक्षा बल’ की अहम भूमिका अविस्मरणीय है। बीएसएफ, दुनिया का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल है जो पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ लगती भारत की 6386.36 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा करता है। अपनी स्थापना दिवस के अवसर पर सीमा सुरक्षा बल ने राष्ट्र के लिए दायित्व और अपने आदर्श वाक्य ‘जीवन पर्यंत कर्तव्य’ के लिए प्रतिबद्धता को दोहराया है।

Desk Team