केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को यस बैंक के सह-संस्थापक राणा कपूर के कई स्थानों पर छापेमारी की। ये सभी छापेमारी दिल्ली और मुंबई के ठिकानों पर हुई। छापेमारी वाले सभी स्थान दीवान हाउसिंग (डीएचएफएल) का संबंध राणा से है। मुंबई में राणा के 7 स्थानों पर सीबीआई जांच करने पहुंची।
रविवार को सीबीआई ने राणा कपूर, दीवान हाउसिंग (डीएचएफएल), डीओआईटी अर्बन वेंचर्स कंपनी और डीएचएफएल के प्रवर्तक निदेशक कपिल वधावन के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की।रविवार को ही राणा कपूर को 11 मार्च तक के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेजा गया।
मुंबई की विशेष अदालत ने यह फैसला सुनाया। राणा को ईडी ने रविवार तड़के धन शोधन के आरोपों के तहत गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने कहा कि ईडी ने राणा (62) को धन शोधन निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) के तहत रविवार तड़के करीब तीन बजे गिरफ्तार किया क्योंकि वह कथित तौर पर जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे।
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ईडी ने कपूर को एक अवकाश अदालत के समक्ष पेश किया जिसने उसे 11 मार्च तक जांच एजेंसी की हिरासत में भेजे जाने का आदेश दिया। ईडी ने कहा कि राणा कपूर के परिवार द्वारा संचालित कुछ कंपनियों की भूमिका स्थापित किये जाने और इन सभी लोगों का आरोपी से आमना-सामना कराए जाने की जरूरत है।
बचाव पक्ष के वकील ने हालांकि कहा कि कपूर को ईडी ने चुन कर निशाना बनाया है जबकि वह जांच एजेंसी से सहयोग कर रहे हैं। राणा कपूर को निजी बैंक के संचालन में कथित वित्तीय अनियमितता और कुप्रबंधन के आरोपों के बाद गिरफ्तार किया गया था और भारतीय रिजर्व बैंक और केंद्र सरकार ने इसके कामकाज को नियंत्रित करने के लिये कदम उठाए हैं।


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