सीबीएसई 12वीं बोर्ड : 31 जुलाई को जारी होगा रिजल्ट, जानिए किस आधार पर मिलेंगे मार्क्स

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 12वीं बोर्ड के छात्रों का रिजल्ट तैयार करने का फार्मूला घोषित किया जा चुका है। सीबीएसई 12वीं क्लास का रिजल्ट 10वीं, 11वीं और 12वीं के प्रदर्शनके आधार तैयार किया जायेगा।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 12वीं बोर्ड के छात्रों का रिजल्ट तैयार करने का फार्मूला घोषित किया जा चुका है। सीबीएसई 12वीं क्लास का रिजल्ट 10वीं, 11वीं और 12वीं के प्रदर्शन के आधार तैयार किया जायेगा। केंद्र सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में यह जानकारी दी।  
सीबीआई ने बताया कि 10वीं क्लास के 5 सब्जेक्ट में से 3 सब्जेक्ट के अच्छे नंबर को लिया जायेगा। इसी तरह 11वीं के पांच सब्जेक्ट के एवरेज लिया जाएगा और 12वीं के यूनिट टेस्ट, मिड टर्म और प्री-बोर्ड एग्जाम के आधार पर रिजल्ट तैयार किया जायेगा। सीबीएसई के 12 सदस्यों की समिति ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि 12वीं के नतीजे 31 जुलाई को घोषित किए जाएंगे। केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए 12वीं कक्षा के रिजल्ट को फॉर्मूले सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। याचिकाकर्ताओं का पक्ष रख रहीं ममता शर्मा ने कहा कि सीबीएसई 12वीं कक्षा की मूल्यांकन स्कीम संतोषजनक है और हमें इस पर कोई आपत्ति नहीं है।
जो बच्चे परिणाम से संतुष्ट नहीं होंगे उन्हें दोबारा से एग्जाम देने के मौका दिया जाएगा।  इसके लिए गाइडलाइन बनाई जा रही है। केंद्र सरकार ने सीबीएसई ने पहल बार इस अभूतपूर्व संकट का सामना किया है।सीबीएसई का प्रतिनिधित्व करने वाल अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल ने कोर्ट को बताया कि कक्षा 12 के व्यावहारिक / आंतरिक मूल्यांकन आदि के अंक वास्तविक आधार पर होंगे, जैसा कि स्कूल द्वारा सीबीएसई पोर्टल पर अपलोड किया गया था।स्कूल की परिणाम समिति मूल्यांकन की विश्वसनीयता के आधार पर प्रत्येक परीक्षा के लिए तय कर सकती है कि कितना वेटेज दिया जाना है।। उदाहरण के लिए, यदि समिति का विचार हो सकता है कि केवल प्री-बोर्ड परीक्षाओं को ही ध्यान में रखा जाना है, तो उस भाग को पूरा भार दिया जा सकता है। इसी तरह, एक और स्कूल रिजल्ट कमेटी प्री-बोर्ड परीक्षा और मिड टर्म परीक्षाओं को समान वेटेज देने का फैसला कर सकती है।”बोर्ड ने प्रस्तुत किया कि मूल्यांकन करते समय कक्षा 11 और कक्षा 10 की परीक्षा में छात्रों के प्रदर्शन को भी ध्यान में रखा जाएगा।
सीबीएसई ने कहा कि जहां 30 प्रतिशत अंक कक्षा 11 की अंतिम परीक्षा पर आधारित होंगे, वहीं मूल्यांकन करते समय कक्षा 10 के तीन सर्वश्रेष्ठ अंकों के आधार पर 30 प्रतिशत अंक भी शामिल किए जाएंगे। न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर मामले की सुनवाई कर रहे हैं।सीबीएसई ने कहा कि प्रत्येक स्कूल में स्कूल के प्रिंसिपल के तहत एक परिणाम समिति बनाई जाएगी जिसमें एक ही स्कूल से दो वरिष्ठतम पीजीटी और पड़ोसी स्कूलों से दो पीजीटी शामिल होंगे।समिति को नीति का पालन करते हुए परिणाम तैयार करने की छूट दी गई है।

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