देश में कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप के बीच केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत की। रविशंकर प्रसाद ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आज केंद्र सरकार और तमिलनाडु सरकार के साथ एक बहुत ही अच्छी पहल की शुरुआत की है। इसके तहत सहायता, स्वास्थ्य देखभाल और मार्गदर्शन के सभी विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे।
रविशंकर प्रसाद ने बताया कि कोविड-19 के तहत आज केंद्र सरकार ने तमिलनाडु सरकार के साथ आरोग्य सेतु इंटेरेक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम (आईवीआरएस) की शुरुआत की है। यह एक बार मिस्ड कॉल देने के बाद यह एक्टिवेट हो जाता है और उस स्थान की पहचान करता है जहां से काल की गई।
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रविशंकर ने कहा, ‘हम जल्द ही अन्य राज्यों में भी आरोग्य सेतु टरएक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम शुरू करने जा रहे हैं। आज यह पायलट प्रोजेक्ट है। जहां आरोग्य सेतु स्मार्ट फोन के लिए है वहीं आईवीआरएस संस्करण गैर-स्मार्ट फोन के लिए भी उपलब्ध होगा। दोनों एक-दूसरे के पूरक होंगे।’
इसके अलावा केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी का कहना है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों, भारत सरकार ने श्वास संबंधी विकारों के लिए उच्च स्तरीय गुणवत्ता वाले तरल द्रव्य एवं आवश्यक तत्व विकसित किए हैं। मंत्रालय ने आगे बताया कि इस सुपरसॉर्बेंट सामग्री से भरे कंटेनर जिसे चित्रा एक्रिलॉस्बोर्ब सीक्रेटेशन सॉलिडिफिकेशन सिस्टम शीर्षक दिया गया है, दूषित द्रव्य को स्थिर करके इसे ठोस कर देगा। जिससे यह छलकने से भी बचेगा और इसे कीटाणुरहित भी कर देंगे।


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