कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा देश में लगाए गए लॉकडाउन को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल खड़े कर रही है। कांग्रेस ने इस जल्दबाजी में लिया गया निर्णय करार दिया है। वहीं पूर्व वित्त मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने केंद्र पर लॉकडाउन के दौरान गरीबों के प्रति लापरवाही का आरोप लगाया है।
इसके साथ ही उन्होंने लॉकडाउन को 14 अप्रैल के बाद खोलने की संभावना को लेकर केंद्र की ओर से राज्य सरकारों के साथ विचार-विमर्श करने के कदम का स्वागत किया। चिदंबरम ने ट्वीट किया, ”लॉकडाउन की रणनीति में जो चीज गायब है, वह गरीबों के हाथों में नकदी का होना है। गरीबों के कई वर्ग ऐसे हैं जिन्हें सरकार से एक भी रुपया नहीं मिला है।”
लॉकडाउन की रणनीति में जो चीज गायब है वह गरीबों के हाथों में नकदी। गरीबों के कई वर्ग ऐसे हैं जिन्हें सरकार से एक भी रुपया नहीं मिला है।
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) April 8, 2020
चिदंबरम ने कहा, ”23 प्रतिशत बेरोजगारी दर (सीएमआईई) और दैनिक मजदूरी या आय रुक जाने को ध्यान में रखते हुए सरकार को तुरंत गरीबों को संसाधन और नकद देना देना होगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के ”दयनीय और क्रूर लापरवाह दृष्टिकोण” ने गरीबों की कठिनाइयों को बढ़ा दिया है।
दरअसल, मंगलवार को राज्य सरकारों और विशेषज्ञों ने देश में कोरोना के मामलों को देखते हुए केंद्र से लॉकडाउन के विस्तार पर विचार करने का अनुरोध किया है। कोरोना की रोकथाम के लिए देश में लगाए गए 21 दिनों के लॉकडाउन को आगे बढ़ाने पर केंद्र सरकार विचार कर सकती है।


Download Android App
Download iOS App



