अरुणाचल प्रदेश के तवांग क्षेत्र में भारतीय सुरक्षाबलों ने चीनी सैनिकों की जमकर पिटाई की है और उन्हें घुसपैठ करने से रोक दिया। चीन की पीपुल्स लिबरेश आर्मी (पीएलए) के मंसूबे नेक नहीं थे और वह कब्जा करने के इरादे से आगे बढ़ रहे थे। भारतीय जांबाजों ने उन्हें खदेड़ दिया। इस बीच भारतीय बलों ने उनकी कई चीजें बरामद की है। खदेड़ते समय उनके स्लीपिंग बैग और अन्य उपकरण वास्तविक नियंत्रण (एलएसी) के इस तरफ छूट गए, जोकि बरामद कर लिए गए हैं।
इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से लिखा है, चीनी सेना के जवानों ने स्लीपिंग बैग LAC के इधर छोड़ दिए। इन स्लीपिंग बैग के जरिए अधिक ठंड में भी खुले आसामान के नीचे जवान आराम से रह सकते हैं। सैनिकों ने क्षेत्र से हटने के दौरान कुछ कपड़े और उपकरण सहित अन्य सामान भी छोड़े हैं।
चीनी सैनिकों की भारतीय जवानों से झड़प
नौ दिसंबर को तवांग सेक्टर के पास यांग्स्ते इलाके में चीनी सैनिकों की भारतीय जवानों से झड़प हो गई थी। सूत्रों ने कहा कि 300 से अधिक चीनी सैनिक 17,000 फीट ऊंची चोटी तक पहुंचने और उस पर कब्जा जमाने के फिराक में थे, लेकिन उनके मंसूबों पर भारतीय सेना ने पानी फेर दिया। आमने-सामने की लड़ाई में दोनों पक्षों के सैनिकों को मामूली चोटें आईं। प्रारंभिक रिपोर्टों में कहा गया है कि संघर्ष में छह भारतीय सैनिक घायल हो गए, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में बताया कि भारत के किसी भी सैनिक को गंभीर चोट नहीं लगी है। झड़प के बाद दोनों पक्ष तुरंत इलाके से हट गए।
PLA गली के गुंडों की तरह हरकत करती है- नरवणे
इस बीच पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने कहा है कि PLA गली के गुंडों की तरह हरकत करती है। उन्होंने कहा, ‘हम हमेशा PP15 तक पेट्रोलिंग करते रहे हैं, लेकिन वे हमें अपने पारंपरिक पेट्रोलिंग पॉइंट पर जाने से रोकने की कोशिश कर रहे थे। यह अस्वीकार्य था। हमें आने से रोकने के लिए, उन्होंने छोटी चौकी स्थापित की थी और हमने बहुत जोरदार आपत्ति जताई, लेकिन वे अड़े थे कि वे वापस नहीं जाएंगे और इसलिए हमें और अधिक मुखर होना पड़ा और तभी वे भी अतिरिक्त ताकत के साथ आए और पीपी15 के हमारे पक्ष में पूरी झड़प हुई लेकिन हम यह सुनिश्चित करने में सक्षम थे कि वे वापस जाएं।’
चीन कई सालों से एलएसी पर यथास्थिति को बदलने की कोशिश कर रहा- नरवणे
पूर्व सेना प्रमुख ने कहा, ‘चीन कई वर्षों से एलएसी पर यथास्थिति को बदलने की कोशिश कर रहा है। वे इसे बहुत छोटे-छोटे चरणों में कर रहे हैं…लेकिन समय के साथ-साथ, उन्होंने बहुत कुछ हासिल किया है। यह वह रणनीति है जो उन्होंने अपनाई है और जारी रख रहे हैं। उनकी (चीन की पीएलए) दीर्घकालिक रणनीति एक ही रही है – आगे बढ़ते रहो, किसी भी संभावित कमजोरी के लिए हमारी जांच करते रहो और अगर कोई है, तो वहां बैठो और कहो कि यह हमेशा ऐसा ही था। इसलिए, हर छोटी जांच कार्रवाई का मुकाबला करना होगा।’


Download Android App
Download iOS App



