सबरीमाला में प्रवेश को लेकर पुलिस और श्रद्धालुओं में झड़प, मंदिर के आसपास धारा 144 लागू

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तिरुवनंतपुरम : सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के मामले बुधवार सुबह पंबा की ओर जाने वाले सैंकड़ श्रद्धालुओं और तांत्रि परिवार के एक सदस्य राहुल ईश्वर को पुलिस के रोके जाने के बाद निलक्कल में तनाव फैल गया। राहुल ईश्वर अपनी 90 वर्षीय दादी और सैंकड़ श्रद्धालुओं के साथ आधार शिविर से प्रात: 0415 बजे पवित्र पर्वत की ओर बढ़ रहे थे तभी निलक्कल में पुलिस ने उनको रोक दिया जिसके बाद श्रद्धालुओं और पुलिस के बीच झड़पें हुई।

पुलिस ने आज सुबह सड़क को बाधित करने वाले कुछ लोगों को गिरफ्तार किया और सबरीमाला जाने वाले वाहनों की जांच संचालित की।विश्व प्रसिद्ध भगवान अयप्पा मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की अनुमति के सर्वोच्च न्यायलय के फैसले का विरोध करने वाले सबरीमाला कर्मा समिति और अन्य हिंदू संगठनों द्वारा बनाए गये शिविरों को पुलिस ने हटा दिया है निलक्कल और पंबा सहित विभिन्न जगहों पर सैकड़ महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कांत और रेंज महानिरीक्षक मनोज अब्राहम स्थिति पर नजरें बनाए हुए हैं।

 मंदिर के पास काफी बड़ी संख्या में भीड़ एकत्रित है। बड़ी संख्या में महिलाएं मंदिर में प्रवेश के लिए जा रही हैं, तो वहीं हजारों की संख्या में श्रद्धालु उन्हें रोकने की कोशिश में लगे हुए हैं। सुबह से यहां चल रहा प्रदर्शन अब धीरे-धीरे हिंसक रूप लेता जा रहा है। 10 से 50 आयु वर्ष की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत देने वाले सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का कुछ संगठन द्वारा विरोध किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों के विरोध के कारण आंध्र प्रदेश की एक 40 वर्षीय महिला माधवी व उसके परिवार को मजबूरन भगवान अयप्पा के दर्शन किए बिना लौटना पड़ा।

माधवी ने माता-पिता व बच्चों के साथ अपनी यात्रा स्वामी अयप्पा मंदिर को मासिक पूजा अनुष्ठान के लिए खोले जाने से कुछ घंटे पहले शुरू की थी। कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच दस मिनट की यात्रा के बाद जब परिवार मंदिर परिसर के अंदर पहुंचा तो माधवी सहित पूरे परिवार की यात्रा में बाधाओं डाली गईं और उन्हें भगवान अयप्पा के दर्शन की अपनी योजना रद्द करनी पड़ी। माध्वी 10 से 50 की वर्जित आयु वर्ग में आती हैं।

 प्रदर्शनकारियों ने उनके मार्ग में हर संभव बाधा पहुंचाने की कोशिश की थी लेकिन पुलिस बल के साथ माध्वी व उनके परिवार ने निलक्कल व पंबा की यात्रा पूरी की। माधवी के साथ चल रहे पुलिस अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिया कि अगर वह आगे बढ़ना चाहती हैं तो वे उनके साथ है। लेकिन गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने उनका पीछा जारी रखा और आखिरकार माध्वी ने लौटने का निर्णय किया। बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय के 28 सितंबर के आदेश के बाद मंदिर का दरवाजा पहली बार 10 से 50 साल की महिलाओं के लिए खोला जा रहा है।

live update :-

-18 और 19 अक्टूबर के लिए सबरीमाला मंदिर के आसपास कुछ चुनिंदा जगहों पर धारा 144 लगाई गई है. कल मंदिर सुबह 5 बजे खुलेगा।

-सबरीमाला कैंपेन चलाने वाले राहुल ईश्वर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। अभी भी प्रदर्शनकारी लगातार मीडिया पर हमला कर रहे हैं।

-कुछ प्रदर्शनकारियों ने बसों पर पथराव किया, मीडियाकर्मियों को भी बनाया निशाना। प्रदर्शनकारी मीडिया की गाड़ी पर हमला कर रहे हैं।

-महिलाओं के मंदिर में प्रवेश का विरोध कर रहीं मंदिर के बोर्ड के पूर्व प्रेसिडेंट गोपालकृष्णन की पत्नी को हिरासत में ले लिया गया है। उनके अलावा करीब 50 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। 

 –प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने मीडिया की एक वैन के साथ तोड़फोड़ की। 

-पुलिस पंबा बेस कैंप से प्रदर्शनकारियों को जबरन हटा रही है।

-राहुल ईश्वर के खिलाफ गैर जमानती एफआईआर दर्ज की गई है। उनको पंबा पुलिस स्टेशन में रखा गया है। हालांकि उन्होंने किसी भी महिला पर हमला करने से इनकार किया है।

-700 पुलिसवालों को तैनात कर दिया गया है। 300 और पुलिसकर्मी निलाक्कल पहुंचने के लिए रास्ते में हैं। वहीं 50 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया था जिसमें 2 लोगों को जमानत मिल गई है।

Desk Team