देश के कोयला मंत्री प्रहलाद सिंंह ने औपचारिक रूप से कहा कि भारत में कोयले की मांग आगामी समये में ओर भी तेजी से बढ़ने वाली है। इसी के साथ-साथ ही 2040 औऱ इसके बाद से ही उर्जा मिश्रण में अहम भूमिका पूर्ण रूप से बकरार रहेगी।
कोयले का प्रयोग भविष्य में ओर बढ़ेगा- प्रहलाद जोशी
केंद्रीय कोयला मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि यही वजह है कि देश में कोयले का इस्तेमाल बंद करना निकट भविष्य में संभव नहीं हो पाएगा। कोयला मंत्रालय की संसदीय परामर्श समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जोशी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कोयले का इस्तेमाल बंद करने और ऊर्जा के वैकल्पिक साधनों को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पता चला है कि उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि भारत में कोयला ऊर्जा का किफायती स्रोत है और बढ़ती अर्थव्यवस्था की वजह से ऊर्जा की बढ़ती जरूरतों की पूर्ति करने में भी इसकी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है।’’ भारत की 51 प्रतिशत से अधिक प्राथमिक ऊर्जा जरूरतों में कोयले की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत तथा ऊर्जा उत्पादन में लगभग 73 प्रतिशत है।


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