पैदल पलायन कर रहे गरीब लोगों की हालत पर कांग्रेस ने जतायी चिंता, सरकार पर उठाए सवाल

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राहुल गांधी ने कहा कि सरकार इस भयावह हालत की जिम्मेदार है। नागरिकों की ये दशा करना एक बहुत बड़ा अपराध है। आज संकट की घड़ी में हमारे भाइयों और बहनों को कम से कम सम्मान और सहारा तो मिलना ही चाहिए। सरकार जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए ताकि ये एक बड़ी त्रासदी ना बन जाए।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी तथा पार्टी की उत्तर प्रदेश की प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने 21 दिन के लॉकडाउन के दौरान खाने-पीने की व्यवस्था नहीं होने के कारण पैदल अपने घर जाने को विवश लोगों की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सरकार से उन्हें परिवहन सुविधा देकर गन्तव्य तक भेजने या फिर लॉकडाउन की अवधि तक उन्हें आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।

राहुल गांधी ने शनिवार को लोगों से इन कामगारों की मदद करने का आग्रह करते हुए ट्वीट कर कहा, ‘‘आज हमारे सैंकड़ों भाई-बहनों को भूखे-प्यासे परिवार सहित अपने गावों की ओर पैदल जाना पड़ रहा है। इस कठिन रास्ते पर आप में से जो भी उन्हें खाना-पानी-आसरा-सहारा दे सके, कृपा करके दे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं-नेताओं से मदद की खास अपील करता हूं। जय हिंद।’’

उन्होंने अपने एक अन्य ट्वीट में कहा कि “सरकार इस भयावह हालत की जिम्मेदार है। नागरिकों की ये दशा करना एक बहुत बड़ा अपराध है। आज संकट की घड़ी में हमारे भाइयों और बहनों को कम से कम सम्मान और सहारा तो मिलना ही चाहिए। सरकार जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए ताकि ये एक बड़ी त्रासदी ना बन जाए।”

इस बीच प्रियंका गांधी वाड्रा ने कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन के दौरान मजदूरों एवं गरीबों के अपने घरों के लिए पैदल निकलने को लेकर शनिवार को कहा कि इस स्थिति पर सरकार को शर्म आनी चाहिए। उन्होंने गरीबों के पैदल पलायन का एक वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट कर कहा, ”इन मजबूर हिंदुस्तानियों के साथ ऐसा सलूक मत कीजिए। हमें शर्म आनी चाहिए कि हमने इन्हें इस हाल में छोड़ दिया है। ये हमारे अपने हैं।” प्रियंका ने कहा, ” मजदूर देश की रीढ़ की हड्डी हैं। कृपया इनकी मदद करिए।”

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ”हजारों गरीब लोग अपने परिवार सहित उत्तर प्रदेश – बिहार पैदल जाने को मजबूर हैं। ये लोग कह रहे हैं कि कोरोना वायरस से नहीं, तो भूख से जरूर मर जाएंगे।” उन्होंने सवाल किया कि क्या इतनी बड़ी मानवीय त्रासदी का कोई जबाब नही?

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वहीं सोनिया गांधी ने इस सम्बन्ध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ पैदल सैंकड़ों किलोमीटर दूर स्थित अपने घरों को जा रहे लोगों की समस्या पर उनका ध्यान आकर्षित किया और कहा कि सरकार को इन लोगों को उनके घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिये।

Desk Team