कांग्रेस के सांसदों ने पेगासस स्पाइवेयर का उपयोग करके राहुल गांधी समेत कई प्रमुख व्यक्तियों की कथित तौर पर जासूसी किए जाने के मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में न्यायिक जांच की मांग करते हुए शुक्रवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया। लोकसभा और राज्यसभा के कई कांग्रेस सदस्यों ने संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन किया।

‘जासूसी बंद करो’ और ‘प्रधानमंत्री सदन में आओ’ के नारे
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी और कांग्रेस के कई अन्य सांसद इस मौके पर मौजूद थे। उन्होंने अपने हाथ में एक बड़ा बैनर ले रखा था जिस पर ‘वी डिमांड सुप्रीम कोर्ट मॉनीटर्ड ज्यूडिसियल प्रोब’ (हम उच्चतम न्यायालय की निगरानी में न्यायिक जांच की मांग करते हैं) लिखा हुआ था। उन्होंने ‘जासूसी बंद करो’ और ‘प्रधानमंत्री सदन में आओ’ के नारे भी लगाए।

सरकार घोषणा करे कि न्यायिक जांच होगी
इस दौरान कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि हमें न्यायिक जांच चाहिए। सरकार घोषणा करे कि न्यायिक जांच होगी। जो जासूसी किए हैं उसमें नई-नई चीजें उजागर हो रही हैं। इस हालात में क्या चर्चा करेंगे। वे आज चर्चा करेंगे कल एक दूसरा नाम आ जाएगा।
लोकतंत्र में चर्चा होती है फिर लोग बोलते हैं
वहीं कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ”IT मंत्री ने सफाई नहीं दिया। पहले सदन में चर्चा होनी चाहिए। चर्चा के बाद अगर वे रिप्लाई देते, उसको स्टेटमेंट कहते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “अपने आप जो चाहें बोलकर चले जाना। लोकतंत्र में चर्चा होती है फिर लोग बोलते हैं। सदस्यों का सुनकर उसके बाद अगर वे कोई स्टेटमेंट देते तो उसका कोई मूल्य है। वे सभी चीजों को दबाना चाहते हैं और अलोकतांत्रिक तरीके से चलाना चाहते हैं।”
गौरतलब है कि मीडिया संस्थानों के अंतरराष्ट्रीय गठजोड़ ने दावा किया है कि केवल सरकारी एजेंसियों को ही बेचे जाने वाले इजराइल के जासूसी सॉफ्टवेयर के जरिए भारत के कुछ रसूखदार लोगों सहित बड़ी संख्या में कारोबारियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के 300 से अधिक मोबाइल नंबर, हो सकता है कि हैक किए गए हों।


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