यूपी सहित देश के पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी पराजय को लेकर पार्टी नेतृत्व के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में राज्य इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और उर्दू प्रेस के संयोजक को शुक्रवार को पार्टी से निकाल दिया गया।
छ: साल के लिए किया गया पार्टी से निष्कासित
पार्टी की अनुशासन समिति के सदस्य श्याम किशोर शुक्ला ने शुक्रवार को पार्टी के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और उर्दू प्रेस विभाग के संयोजक जीशान हैदर को लिखे पत्र में कहा कि उन्हें पार्टी के सभी पदों से बर्खास्त कर दल से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया गया है।बृहस्पतिवार को जारी चुनाव परिणामों में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद संवाददाताओं से बातचीत में हैदर ने पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के करीबी लोगों पर इस हार का ठीकरा फोड़ा था।
पार्टी हाईकमान पर की थी आपत्तिजनक टिप्पणी
निष्कासन पत्र में हैदर को संबोधित करते हुए कहा गया पार्टी की अनुशासन समिति के संज्ञान में आया है कि आपने सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से पार्टी नेतृत्व के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं जिससे पार्टी की छवि खराब हुई है लिहाजा आपके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा रही है।
पार्टी महासचिव प्रिंयका गांधी पर नही की कोई टिप्पणी – हैदर
हैदर ने इस कार्रवाई के बाद एक समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि उन्होंने पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ कोई भी बात नहीं कही है बल्कि उन कुछ लोगों पर आरोप लगाया है जिनकी जड़ें जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से जुड़ी हैं और जिन्होंने प्रियंका को भ्रमित कर चुनाव के टिकट बेचे।
प्रिंयका गांधी के निजि सचिव के कारण छोड़ी सांसदों विधायकों ने पार्टी
उन्होंने कहा, इन लोगों ने जमीन पर कोई काम नहीं किया और हाल में पार्टी छोड़ने वाले सभी नेताओं ने प्रियंका जी के निजी सचिव और उनके साथियों की वजह से यह कदम उठाया था। हैदर ने कहा कि हाल ही में जितने पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों और नेताओं ने पार्टी छोड़ी उनमें से हर किसी ने यही कहा कि उन लोगों ने प्रियंका के निजी सचिव और उनके साथियों के कारण ही दल छोड़ा है। उन्होंने कहा, ‘‘ प्रियंका को भी मालूम होना चाहिए कि ऐसे ही लोगों के कारण पार्टी की यह दुर्दशा हुई है।
आज दो काग्रेंस नेताओं ने दिया इस्तीफा
उन्होंने कहा कि उन्हें सच बोलने की सजा मिली है लेकिन वह सत्य बात कहना जारी रखेंगे। उनका कहना था कि उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया गया और महज एक बयान के आधार पर पार्टी से निकाल दिया गया। हैदर ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 403 सीटों में से 380 पर कांग्रेस प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई तथा पार्टी के दो नेताओं ने आज इस्तीफा दे दिया है जबकि अभी और लोग भी त्यागपत्र देंगे।
और चुनाव के मुकाबले सबसे खराब रहा काग्रेंस का प्रर्दशन
गौरतलब है कि देश पर सबसे ज्यादा समय तक शासन करने वाली कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को संपन्न हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन किया और उसे मात्र दो सीटें ही मिल सकीं। उसका वोट प्रतिशत भी वर्ष 2017 के मुकाबले लगभग चार फीसद गिरकर 2.33% ही रह गया।


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