कोरोना संकट के बीच रिजर्व बैंक ने तय समय से पहले ही मौद्रिक नीति समीक्षा पेश की। जिसमे बैंक ने ब्याज दरों में भारी कटौती की है। कोरोना महामारी की वजह से अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ रहा है, इस असर को कम करने के लिए आरबीआई ने बड़ा कदम उठाते हुए रेपो रेट में 0.75 फीसदी की कटौती की। रेपो रेट अब 5.15 से घटकर 4.40 फीसदी रह गया है। बता दें यह पिछले 15 साल में सबसे कम है। रेपो रेट की दर को कम करने से इससे जुड़े सभी कर्ज सस्ते हो जाएंगे। बैंक ने ब्याज दरों में कटौती करते हुए सिस्टम में 3.74 लाख करोड़ रुपये की नकदी डालने की भी बात कही है। कोरोना संकट के बीच आरबीआई का यह फैसला मध्यम वर्ग के लिए काफी लाभदायक साबित हो सकता है।
RBI के इस फैसले का देश के गृह मंत्री अमित शाह ने स्वागत योग्य बताया और कहा कि प्रधानमंत्री इस कठिन समय में लोगों को राहत पहुंचाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं और यह निर्णय इसी दिशा में एक और कदम है। शाह ने अपने ट्वीट में कहा कि जब भारत कोरोना से मुकाबला कर रहा है, ऐसे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं और उन्होंने प्रत्येक भारतीय को राहत पहुंचाने के लिए राहतकारी कदमों की घोषणा की है।
उन्होंने कहा कि आरबीआई की ओर से आज किए गए ऐलान इसी दिशा में उठाए गए और कदम हैं। गौरतलब है कि कोरोना वायरस के संकट को देखते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को रेपो रेट में 0.75 फीसदी की कटौती सहित कई निर्णयों की घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि कर्ज की ईएमआई चुकाने में 3 महीने की छूट दी जाएगी।


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